छिंदवाड़ामध्यप्रदेश

प्रसव पीड़ा में महिला को चारपाई पर ले जाना पड़ा अस्पताल, कीचड़ में एंबुलेंस भी बेबस

सालीवाड़ा शारदा के खजरी मोहल्ले का मामला; करीब ढाई किलोमीटर सड़क नहीं बनने से ग्रामीण परेशान, सरपंच बोलीं—कई बार भेजे प्रस्ताव, पंचायत के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर मामला अटका

अमरवाड़ा में प्रसव पीड़िता को चारपाई पर ले जाना पड़ा, सड़क पर कीचड़ से एंबुलेंस बेबस

Chhindwara 16 September 2026
छिंदवाड़ा/अमरवाड़ा यशो:-  अमरवाड़ा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सालीवाड़ा शारदा के खजरी वार्ड स्थित मोहल्ले में सड़क की बदहाली का एक मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा से परेशान 21 वर्षीय प्रदीपा (पति राजकुमार उर्फ अंकित बट्टी) को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को चारपाई का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक, मोहल्ले तक पहुंचने वाले रास्ते पर बारिश के बाद इतना कीचड़ है कि पैदल चलना और बाइक से निकलना भी मुश्किल हो गया है।

कीचड़ में एंबुलेंस तक पहुंचाना मुश्किल

ग्रामीणों के अनुसार, प्रसव पीड़ा होने पर महिला को अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया गया, लेकिन खराब और कीचड़युक्त रास्ते के कारण वाहन को मोहल्ले तक पहुंचाने में परेशानी हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने चारपाई को डोली की तरह इस्तेमाल कर महिला को मुख्य मार्ग तक पहुंचाया, ताकि आगे अस्पताल ले जाया जा सके।

इस घटना ने गांव के उस मोहल्ले में सड़क और आवागमन की समस्या को फिर सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिला, बुजुर्ग और बच्चों को मुख्य सड़क तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है।

ढाई किलोमीटर सड़क के निर्माण का मामला अटका

ग्राम पंचायत की सरपंच माया चंदन पटेल ने बताया कि मोहल्ले की सड़क के निर्माण को लेकर पंचायत की ओर से कई बार प्रस्ताव तैयार कर जनपद पंचायत अमरवाड़ा के इंजीनियर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयदेव शर्मा को भेजे गए हैं।

सरपंच के अनुसार, उन्हें बताया गया कि प्रस्तावित सड़क की लंबाई करीब ढाई किलोमीटर है और इतनी लंबी सड़क का निर्माण ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके कारण सड़क निर्माण का मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

ग्रामीणों ने स्थायी सड़क निर्माण की मांग उठाई

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या गंभीर हो जाती है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी व्यवस्था से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि संबंधित विभाग को स्थल का निरीक्षण कर पक्की सड़क निर्माण की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।

प्रसव पीड़िता को चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाने की घटना ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और सड़क सुविधा के बीच के संबंध को भी उजागर किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है।

यह भी पढ़े :-

CM मोहन यादव की कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षा-सिंचाई-किसान और परिवहन पर बड़ा दांव

1478 बूथों पर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’, 1.21 लाख दीपों से PM मोदी के दीर्घायु की कामना

छिंदवाड़ा में 17 सितंबर से 100 दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आगाज

बंडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से दो की मौत, नातिन गंभीर घायल

https://www.amarujala.com/madhya-pradesh/the-unpaved-road-turned-into-mud-the-students-reached-the-collector-with-a-complaint

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button