डीएपी गायब, किसानों पर महंगी खाद का बोझ!
सहकारी समितियों में ‘खेल’ का आरोप, बोवनी से पहले भड़के किसान
डीएपी खाद की कमी सिवनी – “1350 की डीएपी नहीं, 2100 की एनपी जबरन थमाई जा रही”
Seoni, 14 June 2026
सिवनी यशो:- खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले ही जिले में खाद संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले की सेवा सहकारी समितियों में किसानों को निर्धारित डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो रही, जबकि उसकी जगह महंगी एनपी खाद थोपे जाने के आरोप लग रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह केवल अव्यवस्था नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से किसानों पर आर्थिक बोझ डालने का मामला है।

यह भी पढ़े :- उर्वरक, बीज और कीटनाशक के अवैध विक्रय पर कार्रवाई, बरघाट थाने में एफआईआर दर्ज
जिले के ग्राम लखनवाड़ा सहित लगभग 25 पंचायतों के किसानों ने नागरिक आपूर्ति विभाग और संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि डीएपी 18:46 खाद जानबूझकर रोकी जा रही है, जबकि महंगी एनपी खाद किसानों को मजबूरी में दी जा रही है।
“डीएपी रोककर महंगी खाद बेचने का खेल?”
किसानों के अनुसार डीएपी 18:46 खाद की कीमत लगभग 1350 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन समितियों में पिछले 15 दिनों से यह खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही। इसके स्थान पर किसानों को एनपी 20:20:13 खाद करीब 2100 रुपये प्रति बोरी और एनपी 12:32:16 खाद लगभग 1900 रुपये प्रति बोरी में दी जा रही है।
यह भी पढ़े :-समान नागरिक संहिता पर अधिकतम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के पास डीएपी का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद उसका वितरण नहीं किया जा रहा। किसानों का कहना है कि जानबूझकर महंगी खाद खपाने का प्रयास किया जा रहा है।
बोवनी सिर पर, किसान परेशान
मानसून की दस्तक के साथ जिले में खेतों की जुताई और बोवनी का कार्य तेज होने लगा है। ऐसे समय खाद की कमी किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई है।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर डीएपी उपलब्ध नहीं हुई तो बोवनी प्रभावित होगी और उत्पादन पर भी सीधा असर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अभी से समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
यह भी पढ़े :-मध्यप्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री: कई जिलों में रेड अलर्ट, सीएम ने दिए सतर्कता के निर्देश
“खेती पहले ही घाटे का सौदा, अब खाद ने तोड़ी कमर”
किसानों ने कहा कि डीजल, बीज, मजदूरी और कृषि उपकरणों की बढ़ती कीमतों ने पहले ही खेती की लागत बढ़ा दी है। अब महंगी खाद लेने के लिए मजबूर किए जाने से छोटे और मध्यम किसानों की आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है।
किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो खेती करना और मुश्किल हो जाएगा।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्राम पंचायत लखनवाड़ा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति से जुड़े किसान मोहन सिंह ठाकुर, निरंजन ठाकुर, प्रेमचंद सनोडिया, विजय बघेल, सतीश ठाकुर, सतवंत सनोडिया सहित अन्य किसानों ने प्रशासन से तत्काल डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
यह भी पढ़े :- जल संकट निवारण के लिए नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
किसानों ने नागरिक आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर कार्रवाई की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
सवालों के घेरे में विभागीय व्यवस्था
ग्रामीणों का आरोप है कि खरीफ सीजन जैसे संवेदनशील समय में खाद वितरण की सही व्यवस्था नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। किसानों ने मांग की है कि जिले की सभी समितियों में खाद उपलब्धता की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि किसानों को भटकना न पड़े।
https://himnews.in/congress-government-break-the-back-bone-of-farmer/



