जंगल में बाघ, गांव में खौफ! महू में टाइगर का वीडियो सामने आते ही मचा हड़कंप
वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग अलर्ट, बाघ की लोकेशन तलाशने सर्चिंग शुरू
बहरई के महू गांव में दिखा बाघ, ग्रामीणों में दहशत।
सिवनी यशो :- जिले के बहरई वन परिक्षेत्र अंतर्गत महू गांव के जंगल के समीप बाघ दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार शनिवार शाम जंगल के नजदीक बाघ को देखा गया था। इसका वीडियो रविवार दोपहर सामने आया, जिसमें बाघ जंगल क्षेत्र में नजर आ रहा है। वीडियो में कुछ लोग हाथों में लकड़ी लेकर बाघ को भगाने का प्रयास करते भी दिखाई दे रहे हैं।
बाघ दिखाई देने की जानकारी ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही वन अमला सक्रिय हुआ और बाघ की लोकेशन का पता लगाने के लिए क्षेत्र में सर्चिंग शुरू कर दी गई है। वन विभाग की टीम संभावित मूवमेंट वाले स्थानों की जांच करने के साथ बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
वीडियो सामने आते ही बढ़ी चिंता
बाघ के जंगल के समीप दिखाई देने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों में भय की स्थिति निर्मित हो गई। जंगल से लगे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बाघ वर्तमान में जंगल के किस हिस्से में है और उसकी गतिविधियां किस दिशा में हैं।
बहरई वन क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी पहले भी सामने आती रही है। अप्रैल 2026 में क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों की निगरानी के लिए वन विभाग द्वारा कैमरा ट्रैप लगाए जाने और लगातार गश्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
वहीं अगस्त के अंतिम सप्ताह में बहरई वन परिक्षेत्र के मऊ गांव की सीमा के समीप भी बाघ दिखाई देने की घटना सामने आई थी। इस दौरान बाघ द्वारा भैंस के बछड़े का शिकार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। लगातार सामने आ रही बाघ की गतिविधियों के चलते जंगल से लगे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
जंगल की ओर अकेले न जाएं
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाघ की मौजूदगी वाले क्षेत्र में अकेले जंगल अथवा खेतों की ओर न जाएं। विशेषकर सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। झाड़ियों और घने जंगल में जाने से बचें तथा बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजें।
बाघ दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसका पीछा करने अथवा फोटो-वीडियो बनाने का प्रयास न करें। ग्रामीणों से यह भी कहा गया है कि बाघ की कोई नई गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। भीड़ एकत्रित कर बाघ को खदेड़ने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे वन्यजीव के आक्रामक होने और अप्रिय घटना की आशंका बढ़ सकती है।
सिवनी जिले में हाल के महीनों में मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी घटनाएं सामने आने के बीच बहरई क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी वन विभाग के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति है। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करना बेहद जरूरी हो गया है।
फिलहाल वन विभाग की टीम बाघ की वास्तविक लोकेशन और उसके मूवमेंट का पता लगाने में जुटी है। बाघ जंगल में किस क्षेत्र की ओर बढ़ा है, यह स्पष्ट होने के बाद ही आगे की स्थिति सामने आएगी।
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