धर्ममध्यप्रदेश

वीर बाल दिवस केवल स्मरण नहीं, संकल्प का दिवस है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भाजपा प्रदेश कार्यालय भोपाल में वीर बाल दिवस कार्यक्रम, साहिबजादों की शहादत को किया गया नमन

Bhopal 26 December 2025

भोपाल यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने वीर बाल दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने साहिबजादे जोरावर सिंह एवं साहिबजादे फतेह सिंह के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

जन-जन तक पहुंचे साहिबजादों के संघर्ष और बलिदान की गाथा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सर्वधर्म समभाव की बात करते हैं, जो आवश्यक भी है, लेकिन यह भी देखना होगा कि जब कोई व्यक्ति अपने धर्म को छोड़ने से इनकार करता है, तो उसके साथ क्या किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी गई है, तो उसे स्मरण करना हमारा कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबजादों के संघर्ष और बलिदान की गाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इसे शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी इस अद्वितीय इतिहास से प्रेरणा ले सके।

भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित वीर बाल दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा प्रदेश कार्यालय भोपाल में वीर बाल दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल

अद्भुत और अनुपम है साहिबजादों की शहादत : डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के परिवार और दोनों साहिबजादों ने मुगल शासकों के अत्याचारों के विरुद्ध अपने धर्म की रक्षा के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया, वह विश्व इतिहास में अद्वितीय है।
उन्होंने कहा कि दोनों साहिबजादों के साथ की गई अमानवीय क्रूरता का स्मरण मात्र ही रोंगटे खड़े कर देता है। गुरु गोविंद सिंह जी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष, त्याग और बलिदान का मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी तक बलिदान की यह परंपरा निरंतर चली है और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज़ाद हिंद फौज और 1942 के आंदोलन तक सिख समाज का योगदान राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।

वीर बाल दिवस ही वास्तविक बाल दिवस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से धन्यवाद करते हैं। उन्होंने कहा कि मात्र प्रतीकात्मक आयोजनों से कोई दिन बाल दिवस नहीं बन जाता।
उन्होंने कहा कि 6 और 9 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने विधर्मियों के सामने झुकने से इनकार करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। त्याग, संघर्ष और बलिदान की इस गौरवशाली पृष्ठभूमि वाला 26 दिसंबर ही वास्तविक बाल दिवस है।

वीर बाल दिवस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : हेमंत खण्डेलवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि वीर बाल दिवस आने वाली पीढ़ियों को बलिदान और धर्मनिष्ठा का संदेश देता है। साहिबजादों की शहादत से देशभक्ति, संस्कार और आत्मसम्मान की सीख मिलती है।
उन्होंने कहा कि साहिबजादों का साहस और आत्मबलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जो युवाओं को राष्ट्रभक्ति और दृढ़ता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

साहिबजादों की शहादत को देश कभी नहीं भूलेगा

श्री खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश उन वीर शहीदों को सम्मान दे रहा है,

जिनके बलिदान को वर्षों तक उपेक्षित रखा गया।

वीर बाल दिवस केवल स्मरण का नहीं, बल्कि संकल्प का दिवस है।

उन्होंने कहा कि आज का दिन यह संकल्प दिलाता है कि –

हमारी नई पीढ़ी भी साहिबजादों के बताए मार्ग पर चले और राष्ट्र व समाज के लिए समर्पित जीवन जिए।

सिख समाज के प्रतिनिधियों ने भी रखा विचार

कार्यक्रम को सिख समाज के पदाधिकारी  पजविंदर सिंह ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता एवं

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी,

मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर,

प्रदेश मंत्री  लोकेन्द्र पाराशर,

सुश्री राजो मालवीय,

प्रदेश कार्यालय मंत्री  श्याम महाजन,

प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल,

विधायक  भगवानदास सबनानी,

जिला अध्यक्ष  रविन्द्र यति,

प्रदेश प्रवक्ता सुश्री नेहा बग्गा

सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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