शिक्षकों के ज्ञापन का असर: बीईओ हर्रई प्रकाश कलम्बे को कारण बताओ नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
डीए एरियर्स, क्रमोन्नति भुगतान, वेतन रोके जाने और अवैध वसूली के आरोपों पर मांगा गया तथ्यात्मक स्पष्टीकरण
Chhindwara 26 December 2025
छिंदवाड़ा यशो:- हर्रई विकासखंड में शिक्षकों के लंबित भुगतान और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा सतेन्द्र सिंह मरकाम ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) हर्रई प्रकाश कलम्बे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह समाचार हर्रई विकासखंड के शिक्षकों द्वारा छिंदवाड़ा पहुँचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपे जाने से जुड़ी खबर का फॉलो-अप है।
यह भी पढ़े :- हर्रई बीईओ प्रकाश कालंबे के खिलाफ शिक्षकों का गुस्सा फूटा
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन बना कार्रवाई की वजह
दिनांक 24 दिसंबर 2025 को हर्रई विकासखंड के शिक्षकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम से तहसीलदार हर्रई को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में डीए एरियर्स, क्रमोन्नति एरियर्स, वेतन भुगतान, एनपीएस राशि और अवैध वसूली से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे।
महीनों से वेतन नहीं, एरियर्स लंबित
शिक्षकों के अनुसार —
-
डीए एरियर्स एवं क्रमोन्नति एरियर्स जारी नहीं किए गए
-
कई शिक्षकों का वेतन जानबूझकर रोका गया
-
चतुर्थ श्रेणी (दैनिक मजदूर) कर्मचारियों को 6 माह से वेतन नहीं
-
कंप्यूटर ऑपरेटरों को अगस्त 2025 से वेतन अप्राप्त
-
शिवानी सहारे को अप्रैल–जुलाई 2023 तक का वेतन नहीं मिला
रिश्वत और अवैध वसूली के आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि —
-
शिक्षकों के लंबित स्वत्वों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगी जाती है
-
संकुल प्राचार्यों से चंदा वसूली की जा रही है
-
NPS राशि समय पर जमा नहीं की जा रही
सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन
सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बीईओ हर्रई प्रकाश कलम्बे का यह कृत्य
मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965
के नियम 3(1)(एक), (दो), (तीन) का उल्लंघन है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है।
जवाब नहीं दिया तो होगी कड़ी कार्रवाई
कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि —
-
यदि समय पर जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया
-
या उत्तर असंतोषजनक पाया गया
तो म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत
अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।



