सिवनी

सी ई ओ साहब : ऐसी जाँच का क्या औचित्य जिस पर कार्यवाही न हो ?

जाँच प्रतिवेदन में बताया गया कि भारी भ्रष्टाचार, अनियमित्ताएँ एवं सरपंच पति की गुंडागर्दी पर जिला पंचायत द्वारा नहीं की जा रही कार्यवाही

Seoni 19 March 2025
सिवनी यशो – जनपद पंचायत सिवनी द्वारा ग्राम पंचायत की एक बार नहीं बल्कि कई बार जाँच करायी गयी और जाँच में पाया गया कि ग्राम पंचायत में फर्जी बिल बाऊचर के माध्यम से लाखों रूपये के भुगतान हुये है। फर्जी एजेंसी के माध्यम से निर्माण के कार्य कराये गये है, फर्जी संस्था से खरीदी की गयी । सरपंच पति द्वारा फर्जी रसीद कट्टा के माध्यम से लाखों रूपये पंचायत मद के वसूल कर हड़प लिये गये, पंचायत के निवासियों को मूलभूत सुविधाएँ देने में लापरवाही की जा रही है सरपंच पति गुंडागर्दी करता है । पंचों के साथ अपमान जनक व्यवहार और बैठकों में उन्हें बुलाया नहीं जाता । यहाँ तक की सचिव को बंधक बनाकर उससे जबरन 20 लाख का भुगतान करा लिया जाता है जिसकी सचिव द्वारा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ उच्चाधिकारियों को शिकायत भी की गयी । अन्य प्रकार की अनियमित्ताएँ, फर्जीवाड़ा जनपद पंचायत के जिम्मेदार जाँच अधिकारियों द्वारा की गयी जाँच में प्रमाणित हुआ है और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सरपंच को पद से पृथक करने की अनुशंसा के साथ प्रतिवेदन भेजे गये । जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सरपंच पर धारा 40 मध्यप्रदेश राज एवं गाम स्वराज अधिनियम के 1993 के तहत कार्यवाही करने की बार बार धमकी दी गयी परंतु जनपद की अनुशंसा के अनुसार सरपंच को पद से पृथक नहीं किया । सरपंच को मिल रहे अभय दान से ग्राम पंचायत के निवासी बुरी तरह से परेशान है और सरपंच तथा सरपंच पति मनमानी कर रहे है । ग्रामीणों ने पुन: अनेक बिंदुओं पर शिकायत की है और जनपद पंचायत सिवनी की प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जाँच कराने टीम पहुँच रही है । ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी जाँच का क्या फायदा जिस पर कोई कार्यवाही न हो ?

यह मामला है सिवनी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत जैतपुर कलां का जो जहाँ व्यापक अनियमित्ताएँ और भ्रष्ट गतिविधियाँ प्रमाणित हो चुकी है। सरपंच श्रीमती पायल यादव के विरूद्ध धारा-40 म.प्र. राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत जिला पंचायत सिवनी में कार्यवाही पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है । सरंपच पति द्वारा तत्कालीन सचिव को बंधक बनाकर उससे बीस लाख रूपये का फर्जी भुगतान करा लिया गया । जिसकी पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करायी गयी परंतु कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई ।

ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों की जनपद पंचायत द्वारा जाँच करायी गई और जाँच में प्रमाणित हुआ है कि सरपंच पदीय दायित्व के प्रति लापरवाह है और पंचायत हुये भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार है जहाँ पचास लाख से अधिक का भ्रष्टाचार होना बताया गया है । सरपंच पति को शासकीय कर्मचारी से मारपीट, बंधक बनाने, फर्जी भुगतान कराने एवं फर्जी रसीदों के माध्यम से राशि वसूलने के लिये आपराधिक मामला दर्ज कराने की कार्यवाही की जाना थी परंतु उच्चाधिकारियों द्वारा प्रमाणित जाँच के बाद उसे संरक्षण दिया जा रहा है । यहाँ बता दें कि ग्राम पंचायत की शिकायत होने बाद सरपंच पति ग्राम में उपद्रव करता है और पेयजल की जबरन सप्लाई बंद कर देता है ।

ग्राम पंचायत के उप सरपंच कृपाल सिंह बघेल एवं पूर्व सरपंच राधेश्याम बघेल ने 11 बिंदुओं की पुन : शिकायत जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी को की है और कार्यवाही की मांग की है इसके साथ ही जाँच में प्रमाणित भ्रष्टाचार, अनियमित्ताओं एवं सरपंच पति की आपराधिक गति होने के बावजूद कार्यवाही न होने से संबंधित शिकायत सी एम हेल्प लाईन में भी गई है ।

इनका कहना है
ग्राम पंचायत जैतपुर की शिकायतो पर पहले भी जांचे की चुकी है, जाँच में पाया गया था कि शिकायतकर्ता की शिकायते सही है और ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार होने के साथ अनेक प्रकार के फर्जीवाड़े और सरपंच पति की गतिविधियाँ ठीक नहीं है जाँच प्रतिवेदन अनुशंसा के साथ आवश्यक कार्यवाही के लिये जिला पंचायता के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेज दिये गये थे । कार्यवाही उनके द्वारा की जाना है । पुन: शिकायते प्राप्त हुई है जाँच करायी जा रही है ।
सुश्री रेखा देशमुख
प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी
जनपद पंचायत सिवनी

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