एफआईआर : चंदनगांव में अवैध कॉलोनी पर निगम का शिकंजा
बिना डायवर्सन, लाइसेंस और रेरा पंजीयन के काट दिए भूखंड, निगम ने कॉलोनी को किया अवैध घोषित; एफआईआर के निर्देश
छिंदवाड़ा: चंदनगांव में अवैध कॉलोनी घोषित, FIR के निर्देश
Seoni 09 September 2026
छिंदवाड़ा यशो:- शहर में अवैध कॉलोनाइजिंग के खिलाफ नगर निगम ने अब सख्त रुख अपना लिया है। निगम आयुक्त सी.पी. राय के निर्देश पर बिना सक्षम अनुमति कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में चंदनगांव में बिना अनुमति विकसित की गई कॉलोनी को नगर निगम ने अनाधिकृत (अवैध) घोषित कर दिया है। मामले में संबंधित भूमि स्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार मौजा चंदनगांव में भूमि स्वामी श्रीमती पारवती, पति जयदेव, निवासी चंदनगांव द्वारा करीब 0.4520 हेक्टेयर भूमि पर बिना सक्षम अनुमति कॉलोनी विकसित की गई। संबंधित भूमि खसरा नंबर 524/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1 में दर्ज है।
न नियमों का पालन, न जरूरी अनुमति
जांच में सामने आया कि भूमि का बिना भूमि व्यपवर्तन (डायवर्सन) कराए, बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस, रेरा पंजीयन और कॉलोनी विकास की अनुमति प्राप्त किए छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजन कर उनका विक्रय किया गया। नियमानुसार आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना कॉलोनी विकसित किए जाने को निगम ने गंभीर अनियमितता माना है।
संयुक्त जांच में सामने आया पूरा मामला
मामले की जांच राजस्व निरीक्षक मंडल एवं मौजा पटवारी के संयुक्त जांच दल द्वारा की गई। जांच दल ने मौके का निरीक्षण कर प्रतिवेदन एवं पंचनामा तैयार किया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित गतिविधियों को मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया।
इसके बाद नगर निगम कार्यालय की ओर से भूमि स्वामी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया। भूमि स्वामी की ओर से प्रस्तुत जवाब का परीक्षण करने के बाद निगम ने उसे विधिसम्मत नहीं पाया और अमान्य कर दिया।
निगम आयुक्त के निर्देश पर अवैध घोषित
जवाब अमान्य होने के बाद निगम आयुक्त सी.पी. राय के निर्देश पर संबंधित स्थल को मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम, 2021 के तहत अनाधिकृत कॉलोनी घोषित करने की कार्रवाई की गई। साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अवैध कॉलोनाइजरों को साफ संदेश
नगर निगम की इस कार्रवाई से अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर और निगम सीमा क्षेत्र में बिना सक्षम अनुमति कॉलोनी विकसित करने, भूखंडों का अनाधिकृत विभाजन करने अथवा नियमों का उल्लंघन कर भूखंड बेचने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निगम की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनाइजिंग पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों में भी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
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