बिना विज्ञापन भर्ती का आरोप: CMHO ऑफिस में धरना, अधिकारी गायब तो भड़के कर्मचारी
ताबड़तोड़ आरोपों के बीच CMHO नदारद, कर्मचारियों ने कहा—“चोर की दाढ़ी में तिनका”
छिंदवाड़ा स्वास्थ्य विभाग भर्ती विवाद – CMHO कार्यालय धरना प्रदर्शन कर्मचारी
Chhindwara 06 April 2026 छिंदवाड़ा यशो:- जिले के स्वास्थ्य विभाग में बिना विज्ञापन के सुरक्षा गार्डों की कथित भर्ती और वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। सुबह 11 बजे से ही कर्मचारी सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए और पूरे दिन विरोध प्रदर्शन किया।
CMHO कार्यालय में धरना, कलेक्ट्रेट तक पहुंचा मामला
निकाले गए कर्मचारी आशीष राजपूत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी एकत्रित हुए। धरने में प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा भी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सीएमएचओ से चर्चा करने का प्रयास किया, लेकिन उनके कार्यालय न आने पर आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद सभी कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया रद्द करने तथा पुराने कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की।
“चोर की दाढ़ी में तिनका”, CMHO पर गंभीर आरोप
धरना दे रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ को विरोध की जानकारी मिलने के बावजूद वे पूरे दिन कार्यालय नहीं आए। कर्मचारियों ने इसे “चोर की दाढ़ी में तिनका” कहावत से जोड़ते हुए कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया सही होती तो अधिकारी सामने आकर जवाब देते। कर्मचारियों ने शाम 5 बजे तक कार्यालय गेट पर धरना जारी रखा और आरोप लगाया कि 50 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की भर्ती नियमों के खिलाफ की गई है।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को ठेका देने का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मनमानी का केंद्र बन गए हैं। उन्होंने कहा कि “जय अंबे” जैसी कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड कंपनी को गुपचुप तरीके से ठेका दिया गया, जिसने 50 से अधिक सुरक्षा गार्डों की भर्ती कर ली, जबकि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को बिना सूचना हटाया गया।
भर्ती रद्द और बहाली की मांग, आंदोलन जारी
कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए इसे निरस्त करने और पुराने कर्मचारियों की बहाली की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सीएमएचओ के अनुपस्थित रहने पर कर्मचारियों ने 8 अप्रैल को पुनः धरना देने की घोषणा की है।
बड़ा सवाल: क्या स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी है या फिर नियमों को दरकिनार कर मनमानी जारी है?






