बच्चे पानी को तरसे : पियून SDM कार्यालय में संलग्न, भोंगाखेड़ा स्कूल पानी समस्या
पीने का पानी, शौचालय और साफ-सफाई पर संकट - चपरासी को स्कूल वापस भेजने की मांग तेज
Seoni 25 November 2025
भोंगाखेड़ा स्कूल पानी समस्या पियून SDM कार्यालय में संलग्न होने के कारण और बढ़ गई है। विद्यालय में पिछले 6 महीनों से न तो पेयजल उपलब्ध है और न ही शौचालय में पानी की सुविधा।
सिवनी यशो:- शासन द्वारा शिक्षा संस्थानों में बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल, मध्यान्ह भोजन, शौचालय में पानी तथा कक्षाओं की साफ-सफाई की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। इसके लिए नल-जल योजना के अंतर्गत विद्यालयों में नल भी लगाए गए हैं और चपरासी (पियून) नियुक्त किए गए हैं, ताकि मूलभूत सुविधाएं सुचारु रहें।

लेकिन जिले में अपनी कार्यप्रणाली और संसाधनों की उपलब्धता के लिए प्रसिद्ध शासकीय माध्यमिक विद्यालय भोंगाखेड़ा में जुलाई माह से आज तक बच्चे पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। इसका कारण है कि विद्यालय में पदस्थ चपरासी अरविंद सिंह कुंजाम को 2 जुलाई से SDM कार्यालय में संलग्न कर लिया गया, और अब तक विद्यालय में कार्यमुक्त नहीं किया गया है।

विद्यालय में न पीने के पानी की व्यवस्था है,
न शौचालय में पानी उपलब्ध है,
और न ही कक्षाओं की सफाई समय पर हो पा रही है।
इससे बच्चों, विशेषकर छात्राओं और छोटे बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानपाठक संजय तिवारी ने बताया कि
“2 जुलाई को पियून को ‘धरती आबा कार्यक्रम’ के लिए बुलाया गया था, लेकिन आज तक उसे SDM कार्यालय से वापस नहीं भेजा गया।”
पालक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश बघेल ने बताया —
भोंगाखेड़ा स्कूल पानी समस्या पियून SDM कार्यालय में लगातार संलग्न रहने के कारण बनी हुई है, जिससे बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामवासी और पालकों ने प्रशासन से तत्काल चपरासी को विद्यालय में वापस भेजने,
तथा बच्चों के लिए पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था बहाल करने की मांग की है
प्रशासनिक उदासीनता के कारण भोंगाखेड़ा स्कूल पानी समस्या पियून SDM कार्यालय विवाद अब ग्रामीणों, पालक संघ और मीडिया की चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है
https://www.amarujala.com/jammu-and-kashmir/kathua/Kathua-32511-28



