संजय सरोवर बांध का कलेक्टर नेहा मीना ने किया सघन निरीक्षण, 24 घंटे जलस्तर की निगरानी के निर्देश
बांध में 69.80 प्रतिशत लाइव स्टोरेज, जल निकासी फिलहाल बंद; बालाघाट, गोंदिया और भंडारा प्रशासन से समन्वय बढ़ाने पर जोर
संजय सरोवर बांध का कलेक्टर नेहा मीना ने किया निरीक्षण, 24×7 जलस्तर निगरानी के निर्देश
Seoni 31 July 2026
सिवनी यशो:-जिले के प्रमुख जलाशय संजय सरोवर (भीमगढ़) बांध में मानसून के दौरान जल स्तर और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने गुरुवार को सघन निरीक्षण किया।
उन्होंने बांध के वर्तमान जल स्तर, जल आवक, संभावित जल निकासी, सुरक्षा प्रबंध, कंट्रोल रूम की व्यवस्था तथा मानसून के दौरान अपनाई जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पी.एन. नाग ने कलेक्टर को बांध के जल संग्रहण, वर्तमान जल स्तर, जल आवक, जल निकासी व्यवस्था और विभागीय तैयारियों की जानकारी दी।
516.70 मीटर पहुंचा जल स्तर, 69.80 प्रतिशत लाइव स्टोरेज
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 30 जुलाई 2026 की स्थिति में संजय सरोवर (भीमगढ़) बांध का पूर्ण जलाशय स्तर यानी एफआरएल 519.38 मीटर है, जबकि वर्तमान जल स्तर 516.70 मीटर दर्ज किया गया है।
बांध में वर्तमान में 383.18 मिलियन घन मीटर जल संग्रहित है। वहीं लाइव स्टोरेज 286.18 मिलियन घन मीटर यानी 69.80 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
गुरुवार को जिले में 7.50 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि चालू मानसून सत्र में अब तक कुल 447.00 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पिछले चार घंटे में बांध में औसतन 146.52 घन मीटर प्रति सेकंड की दर से जल आवक दर्ज की गई।
वर्तमान में बांध से किसी प्रकार की जल निकासी नहीं की जा रही है और सभी गेट बंद हैं।
एसओपी के अनुरूप सतत मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार बांध के जल स्तर की नियमित एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जल स्तर में होने वाले प्रत्येक परिवर्तन पर लगातार नजर रखी जाए। जल स्तर अथवा जल आवक की स्थिति में बदलाव होने पर समय रहते आवश्यक निर्णय लिए जाएं, ताकि किसी भी संभावित परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि यदि भविष्य में बांध से जल निकासी की आवश्यकता उत्पन्न होती है तो संभावित रूप से प्रभावित ग्रामों में इसकी पूर्व सूचना व्यापक स्तर पर प्रसारित की जाए, ताकि ग्रामीणों को समय रहते आवश्यक सावधानी बरतने का अवसर मिल सके और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
बालाघाट, गोंदिया और भंडारा से होगा बेहतर समन्वय
संजय सरोवर बांध से संभावित जल निकासी को देखते हुए कलेक्टर ने बालाघाट, गोंदिया और भंडारा जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया कि तीनों जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आयोजित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि अंतर्राज्यीय समन्वय केवल बैठक तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित अधिकारियों के बीच नियमित संवाद बना रहे। जल स्तर, जल आवक, संभावित जल निकासी और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की स्थिति से संबंधित सूचनाओं का रियल टाइम आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने प्रतिदिन आवश्यक जानकारी साझा करने और किसी भी संभावित आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई के लिए सूचना तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम में 24×7 निगरानी
कलेक्टर ने बांध की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए कंट्रोल रूम में 24×7 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम से जल स्तर, जल आवक और जल निकासी की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति सामने आने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही कलेक्टर ने बांध परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों को पुनः क्रियाशील रखने के निर्देश दिए, ताकि बांध परिसर और जलाशय क्षेत्र की सतत निगरानी की जा सके।
भीमगढ़ बांध में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने संजय सरोवर (भीमगढ़) क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर भी अधिकारियों से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि विशाल जलाशय, प्राकृतिक सौंदर्य और रमणीय वातावरण के कारण भीमगढ़ क्षेत्र को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित करने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटकों के लिए व्यू-पॉइंट, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, स्वच्छता सुविधाएं, संकेतक बोर्ड, सुरक्षित भ्रमण मार्ग सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे जिले की पर्यटन पहचान को भी नई दिशा मिल सकती है।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सक्रिय रखने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि में बांध की सुरक्षा, जल स्तर की निगरानी, आपदा प्रबंधन और सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री नीलमणी अग्निहोत्री, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पी.एन. नाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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