सिवनी के शिक्षण संस्थानों में लगातार धार्मिक विवाद
अरी स्कूल के ‘अल्लाह हू अकबर’ विवाद के बाद मिशन स्कूल में बाइबल पाठ पर हंगामा
Seoni 08 December 2025
सिवनी यशो:- जिले के शिक्षण संस्थानों में दिसंबर माह की शुरुआत धार्मिक विवादों से घिरती नजर आई। प्रथम सप्ताह में जहाँ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरी में “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाए जाने को लेकर विवाद भड़का, वहीं दूसरे सप्ताह में मिशन स्कूल सिवनी में छात्रों को कथित रूप से बाइबल के पद पढ़ाए जाने पर नया विवाद खड़ा हो गया।
दोनों ही मामलों में प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पहला विवाद: अरी स्कूल में गीता जयंती के बाद ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे का आरोप
दिसंबर के पहले सप्ताह में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अरी में गीता जयंती समारोह के बाद छात्रों से “अल्लाह हू अकबर” के नारे लगवाए जाने का आरोप सामने आया।
छात्र-छात्राओं ने इसकी जानकारी घर जाकर परिजनों को दी, जिसके बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
आरोपों के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य प्रतीक्षा मानगढ़े ने यह नारे लगवाए। विरोध प्रदर्शन बढ़ने पर जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुँचे और मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से डीईओ कार्यालय अटैच करने के आदेश जारी किए।
डीईओ ने वरिष्ठ शिक्षक उमाश्री धर्मेंद्र कुमार पटले को नए प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा। साथ ही, एक चार-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें सहायक संचालक आर.पी. पाटिल, प्राचार्य आभा सिंह, प्राचार्य रश्मि गौर और प्रभारी प्राचार्य हेमंत मरावी शामिल हैं।
स्कूल परिसर के बाहर घंटों प्रदर्शन चला, जिसके बाद कार्रवाई होते ही विरोध समाप्त हुआ।
दूसरा विवाद: मिशन स्कूल में बाइबल पढ़ाने का आरोप, बजरंग दल ने की शिकायत
अरी स्कूल विवाद के कुछ दिनों बाद ही 8 दिसंबर 2025 को मिशन स्कूल सिवनी में बाइबल पढ़ाने और धार्मिक प्रार्थना करवाने के आरोप लगे।
बजरंग दल के पदाधिकारी स्कूल पहुँचे और प्रबंधन से शिकायतों को लेकर चर्चा की।

प्रशासन ने किया निरीक्षण—पंचनामा तैयार
बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस थाना प्रभारी,
राजस्व अधिकारी और संगठन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्कूल का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन ने बताया कि:
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सुबह की प्रार्थना के अंत में “नया नियम” (New Testament) से नीति वचन के 1–2 पद नैतिक शिक्षा के रूप में पढ़ाए जाते हैं।
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प्रतिदिन राष्ट्रगान और भारत माता की जय के नारे भी लगवाए जाते हैं।
छात्रों ने दिए अलग-अलग बयान
छात्रों ने प्रशासन को बताया कि:
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प्रार्थना में “हे परमपिता परमेश्वर” वाली प्रार्थना कराई जाती है।
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अंत में “आमीन” बुलवाया जाता है।
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बाइबल के नीति वचन का वाचन होता है।
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कुछ छात्रों ने कड़ा या मूंगा पहनने से रोके जाने की बात भी कही।
इन बयानों को पंचनामा में शामिल किया गया।
विवाद शांत कराने पुलिस को करनी पड़ी दखल
स्थिति संवेदनशील होती देख पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच का आश्वासन दिया तथा छात्रों से पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने बाइबल की प्रतियों को भी जप्त कर लिया,
उसके बाद माहौल शांत हुआ।
सिवनी में शिक्षा माहौल पर सवाल, प्रशासन सख्त
लगातार दो सप्ताह में दो शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक विवाद सामने आने से अभिभावक और सामाजिक संगठन चिंतित हैं।
प्रशासन ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच समितियाँ गठित की हैं
और कहा है कि –
दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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