मध्यप्रदेशसिवनी

कलेक्टर के आदेश पर भारी है भ्रष्ट अधिकारी, चल रही है सौ से अधिक मोटरें

नगर में तेजी से घट रहा भू जल स्तर : बैनगंगा नदी को अब माचागोरा से छोड़े जा रहे पानी का सहारा 

Seoni 17 April 2025
छपारा यशो:-  इस बार जिले के साथ छपारा जनपद क्षेत्र में औसत से ज्यादा बारिश हुई थी किन्तु इसके बाद भी गत फरवरी माह से ही जल संकट की आहट सुनाई देने लगी थी जो अप्रैल माह आते आते और भयावह स्थिति निर्मित हो रही हैं।
ज्ञात हो कि सिवनी शहर को पानी देने वाली उक्त बैनगंगा नदी पतली धारा में तब्दील हो गई है जिससे कई वर्षों के बाद सूखे की स्थिति बन रही हैं।
वहीं छपारा नगर के कुछ वार्डो में जल संकट की स्थिति अप्रैल महीना की शुरुआत में ही खतरनाक बनी हुई है जिसको देखकर आगामी गर्मी के दो महीने कैसे कटेंगे इसको लेकर संशय बना हुआ है। वहीं जलसंकट की आहट को लेकर बालाघाट के विधायकों से लेकर सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन और उनके बाद सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने भी संजय सरोवर परियोजना अंतर्गत भीमगढ़ बांध का दौरा किया किंतु किसी ने भी बांध के आसपास सहित छपारा नगर से लेकर बैनगंगा नदी के लगभग तीस से चालीस किलोमीटर के जलभराव क्षेत्र में होने वाली ग्रीष्म कालीन खेती पर रोक न लगाना भी जल संकट को बढ़ावा दे रहा है।

सिंचाई के लिये सौ से अधिक मोटरे निरंतर चल रही 

 वर्तमान समय में बैनगंगा नदी के साथ पहली बार बांध में भी पर्याप्त पानी नहीं होने पर साथ बांध के गेट स्थल से कुछ ही दूरी पर बांध के अंदर होने वाली मक्के की खेती साथ ही छपारा नगर में बैनगंगा नदी अंदर अवैध रूप से होने वाली खेती को लेकर जब सिंचाई विभाग के एसडीओ उदयभान मर्सकोले से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली विभाग ने उनके विभाग से बिना अनुमति लिए किसानों को विद्युत कनेक्शन दे दिया जबकि यदि उनके पास एनओसी के कागज आते तो वह जल संकट की स्थिति को देखते हुए बिल्कुल भी अनुमति नहीं देते । वहीं बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर शर्तेन्दु पांडे से बात हुई तो उनका कहना था कि हमारे द्वारा गर्मी के सीजन में कोई भी अस्थाई विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है । वहीं उन्होंने बताया कि पूर्व से ही स्थायी और अस्थाई कनेक्शन जो कि लगभग 25 के आसपास है जो वर्तमान में सक्रिय है।
वहीं जमीनी हकीकत यह है कि वर्तमान समय में नगर के बैनगंगा नदी तट के दोनों ओर लगभग सौ से ऊपर विद्युत कनेक्शन द्वारा सिंचाई की जा रही है। वही जिला कलेक्टर द्वारा कुछ दिन पूर्व जिला जल अभाव ग्रस्त हो रहा इसको देखते हुए आदेश जारी किया गया की तत्काल सिंचाई बंद कर पीने हेतु पानी बचाया जाए किंतु इसके बाद भी दोनों विभाग के लोग एक दूसरे के ऊपर ठीकरा फोड़ते हुए बचने की कोशिश में लगे हुए है।

अभी नहीं संभले तो देर होना निश्चित है:- 

वर्तमान समय में अभी सिवनी शहर में ही जल संकट की स्थिति बनी हुई है किंतु यही स्थिति रही तो छपारा नगर में आगामी दिनों में सूखे की स्थिति बनना निश्चित है। ज्ञात हो कि पूर्व के वर्षों में मई माह में जल स्रोतों के सूख जाने से पालतू पशुओं से लेकर पक्षियों के लिए पेयजल जैसी समस्या खड़ी होती थीं। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की बैनगंगा नदी के भीमगढ जलाशय से बालाघाट एवं अन्य क्षेत्रों के लिए नहरों से पानी छोडे जाने के बाद छोटी सी नाली में तब्दील हो गई है जो वर्तमान में माछागोरा डेम से छोड़े जाने वाले पानी की आस पर निर्भर है। वहीं क्षेत्र में तेजी से घट रहे जल स्तर से जहां लोगों को आगामी दिनों के लिए फिक्रमंद कर रही है। 

Dainikyashonnati

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