पेंच टाइगर रिज़र्व में मादा बाघ शावक की मौत, निमोनिया की आशंका
गर रिज़र्व की अरी बफर रेंज में दिनांक 24 जनवरी 2026 को लगभग
5–6 माह आयु का एक मादा बाघ शावक कमजोर अवस्था में पाया गया।
AITE कैमरा ट्रैप रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व में इसी क्षेत्र में एक बाघिन को
चार शावकों के साथ देखा गया था

मां बाघिन से रियूनियन की संभावना को ध्यान में रखते हुए शावक को
प्रारंभ में सुरक्षित रूप से उसी वन क्षेत्र में छोड़ा गया।
अगले दिन पुनः सर्चिंग के दौरान शावक मिला, लेकिन उसकी लगातार कमजोर होती
स्थिति को देखते हुए उसे पिंजरे में सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
AI कैमरों की निगरानी में रखा गया शावक
रेस्क्यू के बाद शावक को मीट एवं पानी उपलब्ध कराया गया तथा
AI कैमरों की निगरानी में उसी क्षेत्र में रखा गया,
ताकि मां बाघिन से पुनर्मिलन की संभावना बनी रहे।
हालांकि, 25 जनवरी 2026 की सुबह शावक के स्वास्थ्य में कोई सुधार
नहीं हुआ और उसकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम में निमोनिया की आशंका
पोस्टमार्टम के दौरान वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी
डॉ. अखिलेश मिश्रा द्वारा शावक की मृत्यु का संभावित कारण
निमोनिया बताया गया।
इसके साथ ही शावक के पिछले बाएं पैर में पुरानी चोट भी पाई गई।
इन परिस्थितियों को देखते हुए यह संभावना व्यक्त की गई कि
मां बाघिन द्वारा शावक को छोड़ दिया गया हो।
NTCA दिशा-निर्देशों के तहत किया गया भस्मीकरण
पोस्टमार्टम के उपरांत नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (NTCA)
के निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए
फील्ड डायरेक्टर, पेंच टाइगर रिज़र्व की उपस्थिति में
शावक के समस्त अंगों का पूर्णतः भस्मीकरण किया गया।



