Mandla 27 January 2026
मंडला यशो:- जिला अस्पताल मंडला में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीन तस्वीर सामने आई है। डॉक्टरों की कथित लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला के पेट में ही अजन्मे बच्चे की मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और जिम्मेदार डॉक्टरों व अस्पताल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को सुबह चेकअप के लिए जिला अस्पताल लाया गया था,
लेकिन न तो समय पर उसकी जांच की गई और न ही भ्रूण की हार्टबीट की निगरानी की गई।
परिजनों का आरोप है कि –
महिला को सुबह से शाम तक यूं ही छोड़ दिया गया,
डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीरता से नहीं लिया।
शाम के समय जब आखिरकार हार्टबीट चेक की गई,
तब तक बच्चे की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी।
परिजनों का स्पष्ट कहना है कि—
“अगर समय पर जांच होती, हार्टबीट देखी जाती, तो हमारे बच्चे की जान बच सकती थी। यह सीधे-सीधे डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही है।”
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
आक्रोशित परिजनों ने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई,
जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
फिलहाल जिला अस्पताल में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
गंभीर सवाल
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क्या जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है?
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क्या स्टाफ और डॉक्टरों की जवाबदेही तय होगी?
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कब सुधरेगी सरकारी अस्पतालों की लापरवाह व्यवस्था?


