मध्यप्रदेशछिंदवाड़ा

1980 से भाजपा के सिपाही, आदिवासी समाज की मजबूत आवाज़

मोरेश्वर मर्सकोले की निगम-मंडल में नियुक्ति की चर्चाएं तेज

Chhindwara 27 January 2026

छिंदवाड़ा यशो:-  भारतीय जनता पार्टी में चार दशकों से अधिक समय से सक्रिय आदिवासी नेता मोरेश्वर मर्सकोले का नाम इन दिनों निगम–मंडल में नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में तेजी से चर्चा में है। सौंसर क्षेत्र से आने वाले मोरेश्वर मर्सकोले को आदिवासी समाज का दबंग, संघर्षशील और जमीनी नेता माना जाता है।

मोरेश्वर मर्सकोले 6 अप्रैल 1980 से भाजपा से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

पार्टी के शुरुआती दौर में ही उन्होंने मुंबई में आयोजित पहले भाजपा सम्मेलन में भाग लेकर संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और

सक्रियता का परिचय दिया था।

वे जनपद सदस्य भी रह चुके हैं तथा

अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफल निर्वहन कर चुके हैं।

वर्ष 2012 से एकल अभियान से सक्रिय रूप से जुड़े मोरेश्वर मर्सकोले वर्तमान में सौंसर क्षेत्र में एकल अभियान के संच प्रभारी हैं।

इससे पूर्व वे मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

करीब 60 वर्षीय मोरेश्वर मर्सकोले क्षेत्र में आदिवासी समाज के बीच एक विश्वसनीय और प्रभावशाली नेतृत्व के रूप में पहचाने जाते हैं।

आदिवासियों के अधिकार, सम्मान और समस्याओं को लेकर वे हमेशा डटकर खड़े रहने वाले नेता माने जाते हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के साथ उनका बेहतर तालमेल बताया जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि-

यदि संगठन उन्हें निगम–मंडल की जिम्मेदारी सौंपता है,

तो इससे आदिवासी अंचलों में भाजपा की संगठनात्मक पकड़ और सक्रियता और मजबूत होगी।

मोरेश्वर मर्सकोले सौंसर विकासखंड के रंगारी ठोका गांव के निवासी हैं

और लंबे समय से जमीनी राजनीति के माध्यम से आदिवासी समाज की आवाज़ बनते रहे हैं।

https://www.inhnews.in/News/names-of-mp-corporation-board-presidents-finalised-green-signal-from-delhi

Dainikyashonnati

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