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भगवान श्रीराम सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण : दीपक विस्पुते

हमारे यहां अर्थ नहीं, सेवा, समर्पण, त्याग व तपस्या की प्रतिष्ठा है : प्रेमशंकर           सेवा भारती के ‘युवा सेवा संगम’ कार्यक्रम में सेवा कार्यों में सक्रिय 350 चयनित युवा हुए शामिल

Bhopal 21 January 2025
भोपाल (vsk) सेवा भारती मध्य भारत प्रांत की ओर से भोपाल में आयोजित एक दिवसीय ‘युवा सेवा संगम’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने कहा कि श्रीराम ने समाज को जागरूक और एकत्रित करने का कार्य सेवा के माध्यम से किया था। समाज में हजारों ऐसे उदाहरण हैं, जिन्होंने अपनी सेवा से समाज को सशक्त बनाया और आगे बढ़ाया। आज उनका योगदान हमारे समाज की ताकत है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट और एम्स भोपाल के अध्यक्ष डॉ. सुनील मलिक ने अध्यक्षता की और मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमशंकर उपस्थित रहे। वहीं, समापन सत्र की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पीएल बिंद्रा ने की। प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सेठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में 350 चयनित युवाओं ने सहभागिता की और समाज सेवा के क्षेत्र में अपने विचार और अनुभव साझा किए।
भगवान श्रीराम सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण : दीपक विस्पुते - Seoni News
इस अवसर पर श्री विस्पुते ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने सेवा के माध्यम से दीपक बनकर समाज को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें और एकजुट होकर सेवा भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि समाज में सेवा का कार्य कर रहे सभी युवा समाज के लिए प्रेरणा हैं। उनका योगदान समाज को नई दिशा और सीख देता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विशेषता यह है कि यहां सेवा हमेशा कर्तव्य के रूप में रहा है।

प्रत्येक मनुष्य में परमात्मा का अंश :

सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमशंकर ने कहा कि सेवा सहज नहीं होती। बिना करुणा के सेवा संभव नहीं है। हमें गर्व है कि आज युवा समाज में सेवा के कार्यों से जुड़ रहे हैं। आज भारत विश्व में आगे बढ़ रहा है। हम एक तरफ समृद्धि के शिखर की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं कई ऐसे क्षेत्र हैं यहां कार्य करने की आवश्यकता है। इस कमी को हमारे युवा साथियों को पूरा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की दृष्टि सेवाभावी है और हमें एकजुट होकर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम करना चाहिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे यहां अर्थ जगत को प्रतिष्ठा नहीं है। हमारे यहां सेवा, समर्पण, त्याग और तपस्या की प्रतिष्ठा है। हमारी संस्कृति कहती है कि प्रत्येक मनुष्य में परमात्मा का अंश है। इसलिए समाज को प्रत्येक मनुष्य की चिंता करनी चाहिए।
वहीं, डॉ. सुनील मलिक ने कहा कि कई देशों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराना हमारी सेवा दृष्टि का प्रतीक है। सेवा करने वाले हाथ पूजा करने वाले हाथों से अधिक पवित्र होते हैं। इस प्रकार के संगम से सेवा को नए आयाम मिलेंगे।
इस अवसर पर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पीएस बिंद्रा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद समाज के पथ प्रदर्शक हैं। उन्होंने युवाओं को नई ऊर्जा और प्रेरणा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि समाज में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए, सकारात्मक रहते हुए समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना युवाओं की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। इस संदर्भ में, डॉ. बिंद्रा ने यह भी बताया कि बीमार समाज में युवा सेवा संगम जैसे कार्यक्रम एक नई ऊर्जा देने का कार्य करते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को निरंतर सेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं।

सेवा कार्यों पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन :

कार्यक्रम में सेवा कार्यों पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने उपस्थित युवाओं को प्रेरित किया। जितेन्द्र राठौर ने कार्यक्रम की संकल्पना प्रस्तुत की और संचालन अभिताभ श्रीवास्तव ने किया।

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