मक्का-धान की नरवाई जलाने की अनुमति और मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रु. तय करने की मांग
कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, बोले किसान – अवशेष न हटे तो रबी फसल बुवाई संभव नहीं
सिवनी 02 नवम्बर 2025
सिवनी यशो :- खरीफ फसल मक्का और धान के अवशेष (नरवाई) को जलाने की अनुमति देने एवं वैकल्पिक प्रबंधन की व्यवस्था करने की मांग को लेकर सैकड़ों किसान शनिवार को जिला मुख्यालय पहुँचे। आधा दर्जन किसान संगठनों के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने कहा कि जिले में मुख्य रूप से मक्का और कुछ इलाकों में धान की फसल ली जाती है। मक्का तुड़ाई के बाद खेतों में इतनी अधिक कड़बियाँ बच जाती हैं कि पूरा खेत ढक जाता है। इससे रबी फसल, विशेषकर गेहूं की बुवाई असंभव हो जाती है। किसानों के पास इन अवशेषों को हटाने का कोई प्रभावी साधन नहीं है।
किसानों ने मांग की कि—
प्रशासन सरकारी मशीनीकरण, दवा या तकनीकी उपायों के माध्यम से 2–3 दिन में अवशेष साफ करने की व्यवस्था करे, या फिर नरवाई जलाने की अनुमति प्रदान की जाए।
यदि समय पर खेत तैयार नहीं हुए तो रबी फसल की बोवनी नहीं हो पाएगी,
जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि-
सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था,
किंतु वर्तमान में बाजार में किसानों से मात्र 1600 रुपये प्रति क्विंटल के दर पर खरीदी हो रही है।
महंगी खाद, बीज और
कीटनाशकों के कारण लागत बढ़ गई है,
जबकि कम दाम मिलने से किसानों को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने चेतावनी दी कि
यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे और
स्थानीय जनप्रतिनिधियों—
सांसद,
विधायक
व जिला पंचायत अध्यक्ष से जवाब-तलब करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय किसान यूनियन, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, भारतीय किसान संघर्ष समिति, अन्नदाता किसान संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा के सैकड़ों किसान शामिल रहे।


