गोंडवाना भूमि से जन्मा मध्यप्रदेश सांस्कृतिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक विरासतों से समृद्ध — डॉ. रामकुमार चतुर्वेदी
डी.पी. चतुर्वेदी विधि महाविद्यालय में 70वां मध्यप्रदेश स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया
सिवनी 02 नवंबर 2025
सिवनी यशो:- डी.पी. चतुर्वेदी विधि महाविद्यालय सिवनी में शनिवार को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक डॉ. रामकुमार चतुर्वेदी ने कहा कि “गोंडवाना राज्य से जन्मा मध्यप्रदेश प्राकृतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं आध्यात्मिक विरासतों से भरा हुआ हृदय प्रदेश है।”
डॉ. चतुर्वेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग को जो महत्व मिलना चाहिए था, वह अब भी अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि महाकौशल क्षेत्र भी राजनैतिक रूप से उपेक्षित रहा है, यदि ऐसा न होता तो आज मध्यप्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर चुका होता।
कार्यक्रम में विधि विभागाध्यक्ष एडवोकेट अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर त्रेता और द्वापर युग की ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में मध्यप्रदेश की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा सिवनी की विशिष्टता को रेखांकित किया।
प्राध्यापक डॉ. महेन्द्र नायक ने हाल ही में घटित एक राष्ट्रीय प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश आज भी अपनी ज़िम्मेदार और जागरूक भूमिका के कारण देशभर में चर्चा का केंद्र है।
श्रीमती अन्नपूर्णा मिश्रा ने प्रदेश की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और जीवनशैली पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्राध्यापक रामेश्वर पांडे ने मध्यप्रदेश के उत्पादों को मिले GI Tag के महत्व की जानकारी दी।
श्रीमती वैशाली नीलेश गौडिया ने अंग्रेजी में संबोधित करते हुए –
मध्यप्रदेश की अन्य राज्यों की तुलना में विशेषताओं को रेखांकित किया।

प्राध्यापक अनिकेत अहिरवार ने प्रदेश की सनातन और
सांस्कृतिक परंपराओं का गौरवपूर्ण वर्णन किया।
कार्यक्रम में एलएलएम, एलएलबी और
बीए-एलएलबी के छात्र-छात्राओं—
ललिता मोहनिया,
काजल चक्रवर्ती,
राजेन्द्र ठाकुर,
कार्तिक पाल,
अंजली उइके,
हर्षित उपाध्याय
और श्रुत जैन—ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में संपूर्ण स्टाफ और विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।



