"बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित न करें" – न्यायाधीश राकेश सिंह
पाक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम पर छात्रों से किया संवाद, जागरूकता अभियान
पाक्सो एक्ट पर समय-समय पर करें संवाद: न्यायाधीश राकेश सिंह
Chhindwara, 22 August 2025
छिन्दवाड़ा यशो:- किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 और पाक्सो एक्ट 2012 के प्रचार-प्रसार तथा छात्र-छात्राओं में जागरूकता लाने हेतु शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सारना में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्वार के निर्देशन में हुआ।
इस अवसर पर न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि —
“18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामले किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत किए जाते हैं। बच्चों को अपने चार मुख्य अधिकारों — जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार और सहभागिता का अधिकार — के बारे में पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है।”
उन्होंने बताया कि पाक्सो एक्ट (2012) बच्चों को यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संरक्षण देता है। शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और यौन शोषण सभी अपराध की श्रेणी में आते हैं।
छात्रों से अपील की गई कि वे ऐसे मामलों में चुप न रहें और नजदीकी थाना, प्राचार्य या टोल फ्री नंबर 112 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने छात्राओं से निडर होकर पढ़ाई करने और किसी भी घटना की तुरंत जानकारी देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि छात्र सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचें और अपना ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखें।
कार्यक्रम में शाला की प्रभारी प्राचार्य भारती त्रिवेदी, शिक्षक पी. ढाकरिया, बी.पी. साहू, आर. टेखरे, ए. नारेकर, एम. परतेती, सोनाली विशकर्मा, वी. श्रीवास एवं अंजली सोनी का सहयोग सराहनीय रहा।



