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सर्पदंश की स्थिति में अस्पताल में कराएं इलाज, न करें झाड़-फूंक – डॉ. टी.एस. इनवाती

छपारा स्वास्थ्य केंद्र ने मानसून में सर्पदंश से बचाव को लेकर जारी की चेतावनी

Seoni 17 June 2025

छपारा यशो:- बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं और यह कई बार जानलेवा भी साबित होती हैं। छपारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. टी.एस. इनवाती ने लोगों को इस विषय में जागरूक करते हुए बताया कि झाड़-फूंक या देसी उपचार की बजाय पीडि़त को तुरंत अस्पताल लाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि हर साल कई लोग सिर्फ समय पर इलाज न मिलने से अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कोई सर्पदंश का शिकार हो जाए तो वे जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।

सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल ले जाते ग्रामीण

 डॉ. इनवाती द्वारा सुझाए गए प्रमुख सावधानी उपाय:

लंबी घास या झाडिय़ों में चलते समय लॉन्ग बूट और फुल पैंट पहनें।

रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करें।

सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, विशेषकर ज़मीन पर सोने वालों के लिए।

जूते, चप्पल पहनने से पहले उन्हें उलट-पलट कर देखें।

घर के आस-पास घास व कूड़ा इकठ्ठा न होने दें। दीवारों की दरारें बंद रखें।

 क्या न करें:

सर्पदंश वाली जगह को काटें या चूसें नहीं।

कोई घरेलू मलहम या दवाई न लगाएं।

सांप को मारने की कोशिश न करें, केवल पहचान याद रखें।

तांत्रिक या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें।

डॉ. इनवाती ने कहा कि, “सर्पदंश से बचाव संभव है यदि हम सावधानी बरतें और समय पर सही चिकित्सा लें। डरने की बजाय सतर्क रहें।” उन्होंने ग्रामीणों से यह भी अपील की कि वे जागरूक रहें और ऐसी घटनाओं में घबराएं नहीं, बल्कि नज़दीकी अस्पताल में तुरंत इलाज कराएं।

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