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डॉ. बिसेन को आम लोगों का सीधा जुड़ाव ही बनाये हुये है लोकप्रिय

डॉ. ढालसिंह बिसेन के 74 वें जन्मदिवस पर पत्रकार संजय सिंह का विशेष आलेख

डॉ. बिसेन को आम लोगों का सीधा जुड़ाव ही बनाये हुये है लोकप्रिय

पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन का जन्मदिन विशेष फोटो
पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन के 74वें जन्मदिवस पर विशेष आलेख।

डां. ढालसिंह बिसेन के 74 वें जन्मदिवस पर पत्रकार संजय सिंह का विशेष आलेख

प्रदेश की राजधानी भोपाल से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक आम लोगो की आवाज बुलंद करने वाले पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डां. ढालसिंह बिसेन ने राजनीति के पाँच दशक पूर्ण कर लिये है । अब उनका छठवां दशक प्रारंभ है राजनीति के इस लंबे सफर में कई उतार चढ़ाव आये किंतु आम लोगो से उनका जुड़ाव सतत बना रहा और आज भी बना है ।

यह आम लोगों का जुड़ाव ही है कि वे कोई पद पर हो या न हो लोग अपनी समास्याओं के समाधान का विश्वास लेकर बेधक उनके पास चले जाते है । स्वाभाव में शालीनता ऐसी है कि वे संबंधित के दु:ख दर्द को केवल सुनते ही नहीं बल्कि उसके निवारण का भी प्रयास करते है ।

डां. बिसेन का यही स्वाभाव उन्हें आम जनता में लोकप्रिय बनाये हुये है ।
कई विभागो के मंत्री, वित्त आयोग के अध्यक्ष और सांसद जैसे पदों पर रहते हुये अपने दायित्वों का कुशल निर्वाहन करने वाले डॉ. ढालसिंह बिसेन आज की स्थिती में पदों से काफी ऊपर हो गये है।

पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन का जन्मदिन विशेष फोटो
पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन के 74वें जन्मदिवस पर विशेष आलेख।

सरल, सौम्य और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी

सरल, सौम्य और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी म.प्र.शासन के पूर्व मंत्री एवं पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन का आज 74 वां जन्मदिन है। डॉ. बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को कल्चुरी राजाओं द्वारा बनाये गये ऐतिहासिक मंदिरों के ग्राम आष्टा से लगे एक छोटे से गांव पिपरिया में प्रतिष्ठित किसान स्व. सेवकराम जी बिसेन एवं स्व.श्रीमती सोनाबाई बिसेन के यहां हुआ।

करीब 22 साल की उम्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनसंघ (वर्तमान में भाजपा) से अपनी राजनीति की शुरूआत की थी।

डॉ. बिसेन की चुनावी यात्रा की शुरूआत वर्ष 1976 में पंच के चुनाव से हुई और इसके 14 वर्ष बाद वर्ष 1990 में बरघाट विधानसभा का चुनाव जीतकर प्रदेश की राजनीति में पदार्पण किया। बरघाट विधानसभा से लगातार चार बार विधायक चुने गये।

परिसीमन के कारण बरघाट विधानसभा क्षेत्र आरक्षित हो गया जिसके कारण पार्टी द्वारा उन्हें वर्ष 2008 एवं वर्ष 2013 में केवलारी विधानसभा से टिकिट दी गई किंतु दोनों बार जीत संभव नहीं हो सकी।

पार्टी द्वारा उनकी योग्यता और अनुभव का उपयोग वर्ष 2019 में सिवनी बालाघाट संसदीय क्षेत्र की टिकिट देकर किया गया। इस लोकसभा चुनाव में दो लाख से भी अधिक मतों से चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया।

बेदाग राजनीतिक जीवन

डॉ. ढालसिंह बिसेन का राजनैतिक सफर काफी लम्बा है। राजनीति के बारे में आम लोगों की यही धारणा होती है कि यह कोयला की कोठरी की भांति होती है, इससे निकलने वाला कुछ न कुछ कालिख लेकर ही बाहर आता है।

शुुचिता की राजनीति को अपना ध्येय बनाकर चलने के कारण ही इतने लम्बे राजनैतिक जीवन में उमा जी की सरकार से लेकर बाबूलाल जी गौर की सरकार में वन, परिवहन, खनिज सहित विभिन्न विभाग के मंत्री और शिवराज सरकार में म.प्र.वित्त आयोग के अध्यक्ष रहने के बावजूद उन पर भ्रष्टाचार का दाग तो दूर एक छींटा भी नहीं लगा।

विधायक और सांसद का भी कार्यकाल बेदाग रहा। वन मंत्री रहते हुए उनके द्वारा बनाई गई हरा पत्ता (तेंदूपत्ता) नीति का परिणाम आज सबके सामने है। इस नीति का अनुसरण बाद में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई प्रदेशों ने किया।

इसी तरह शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने कन्या सायकिल योजना और यूनिफार्म योजना बनाई जो आज भी भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है।

डॉ. ढालसिंह बिसेन – विकास पुरुष के रूप में पहचान

जीवन के हर एक मुकाम पर संघर्षशील एवं संवेदनशीलता का परिचय देने वाले डॉ. बिसेन को विकास पुरूष कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।

उन्होंने अपने चार टर्म के विधायक कार्यकाल के दौरान अपनी विधानसभा के लोगों की जरूरतों को जाना और वहां की भौगोलिक परिस्थितियों को समझा और उसके अनुरूप विकास का खांका खींचा।

डॉ. बिसेन की दूरर्शिता का ही परिणाम है अक्सर सूखाग्रस्त घोषित रहने वाला समूचा बरघाट ब्लॉक आज धान के अलावा अन्य फसलों का लाभ लेकर फल फूल रहा है।

कांचना मंडी जलाशय भी डॉ. ढालसिंह बिसेन के सोच का नतीजा है जिससे साढ़े तीन हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित करने का लक्ष्य के अलावा बरघाट नगर के लिए जलावर्धन योजना के माध्यम से जल संकट का हमेशा के लिए दूर होना हैं।

पासपोर्ट कार्यालय

सिवनी जिलेवासियों को पासपोर्ट बनवाने के लिये भोपाल के चक्कर लगाना पड़ता था समय भी नष्ट होता था और रूपया भी । वर्ष 2019 में सांसद बनने के बाद डां. बिसेन ने सिवनी मुख्यालय मे पासपोर्ट कार्यालय खुलवाने का प्रयास शुरू कर दिया ।

नीतिगत निर्णय अनुरूप एक संसदीय क्षेत्र मे एक ही पासपोर्ट कार्यालय खुल सकता था। यहां डॉ. बिसेन के अनुभव और लगन का ही कमाल है कि आज जिले मे पासपोर्ट कार्यालय है और भोपाल की भाग-दौड़ से जिलवासियों को मुक्ति मिल गई है।

सेंट्रल स्कूल एवं एफ.एम.

जिले में मात्र दो सिवनी एवं लखनादौन में सेन्ट्रल स्कूल है । जिले की जनसंख्या और भौगोलिक स्थिती के हिसाब से चार सेन्ट्रल स्कूल होना चाहिये थे ।

डां. बिसेन ने इस जरूरत को महसूस किया और प्रयास कर बरघाट के ग्राम जैवनारा में सेन्ट्रल स्कूल की स्वीकृति दिला दी थी । यह कार्य प्रक्रियाधीन है ।

बालाघाट जिले के तिरोड़ी मे एक एक सेन्ट्रल स्कूल भी उन्होंने ही स्वीकृत कराया था । सिवनी मे 100 वॉट का एफ.एम. रेडियो रिले सेन्टर भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी स्वीकृति का श्रेय भी डॉ. ढालसिंह बिसेन को जाता है।

सड़कों का जाल

कोहका से बंडोल 43 किलोमीटर लागत करीब 108 करोड़ कार्य प्रगतिरत । इस टू लेन मार्ग से छिंदवाड़ा से जबलपुर की दूरी जहां कम होगी वहीं फुलारा टोल प्लाजा से भी निजात मिल जायेगी।

ग्राम भोंगाखेड़ा से छुआई – घोटी – जाम – रामगढ़ से चौरई तक लागत 89 करोड़ की सड़क जिसका काम जारी है ।

इन बड़ी एवं महत्वपूर्ण सड़को के अलावा कलारबांकी से कान्हीवाड़ा, सोनाडोंगरी से खमरिया सहित अन्य सड़क मार्ग भी हरहरपुर में बैनगंगा नदी, हिर्री नदी पर दो उच्च स्तरीय पुल सहित फोरलेन में तीन फुट ओवर ब्रिज एवं सर्विस रोड, अन्य छोटी दूरी की सड़के सहित अनेक निर्माण कार्य डां. बिसेन के सांसद कार्यकाल का ही नतीजा है ।

फ्लाई ओवर एवं ओवर ब्रिज

अपने सांसद कार्यकाल के प्रारंभिक वर्षो में ही डॉ. ढालसिंह बिसेन ने फोरलेन निर्माण मे आने वाली सारी बाधायें दूर की जिसका परिणाम है एशिया का सबसे बड़ा और सुंदर साउंड एंड लाईट प्रूफ फ्लाई ओवर युक्त मार्ग मिला।

इसी के साथ सिवनी को खैरीटेक से नगझर तक फोरलेन मार्ग के साथ नागपुर रोड रेल्वे क्रांसिंग पर ओवर ब्रिज स्वीकृत ही नहीं कराया बल्कि 126 करोड़ रूपये का बजट भी दिलाया, जिसका कार्य प्रारंभ है ।

रेल्वे पर विशेष फोकस

बतौर सांसद उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में केंद्र सरकार की अधोसंरचना विकास योजनाओं को स्वीकृत कराया।

डां बिसेन के सांसद बनने के पहले सिवनी रेल्वे स्टेशन का जो स्वरूप था उनके सांसद बनने के बाद पूरी तरह बदल गया ।

आज एन एस जी 6 की श्रेणी में आने वाला रेलवे स्टेशन यात्री सुविधाओं में बी श्रेणी के स्टेशन को मात कर रहा है तथा चार प्लेटफार्म होने से लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है ।

रैक पाइंट एवं नया बायपास

सिवनी का व्यापार बढ़े और किसानों को उपज का अन्य शहरों के बाजारों से उचित दाम मिले इसके लिये उन्होने रेक प्वाइंट स्वीकृत कराया।

रैक पॉइंट से आज सिवनी के व्यपारियों का व्यापार जहां बढ़ रहा है वहीं जिले के अन्नदाताओं को उनकी उपज का उचित दाम मिल रहा है।

रसायनिक खाद, सीमेन्ट, लौहा के रैक आने का जहां मार्ग प्रशस्त हुआ है वहीं गिटटी एवं अन्य मटेरियल परिवहन की भी स्वीकृति उन्होंने ही दिलाई थी ।

बधाई एवं शुभकामनायें

मानवीय संवेदनाओं के प्रति अजेय आस्था, सादगी और सहजता के धनी, कर्म के प्रति गंभीर दृष्टिकोण, जनसेवा के लिये समर्पण, आपने दायित्वों के प्रति निष्ठा का भाव ही डॉ. ढालसिंह बिसेन को वर्तमान राजनैतिक परिवेश में एक अलग ही पहचान देता है।

लम्बे राजनैतिक सफर में अनेक उपलब्धियों की सौगात देने वाले डॉ. ढालसिंह बिसेन को उनके 74 वां जन्मदिवस पर ढेर सारी बधाई और शुभकामनायें, इस अपेक्षा के साथ कि भविष्य मे भी वे मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुये अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करें और अपने राजनैतिक सफर मे जिले को उसके वर्तमान और भविष्य की अनेक उपलब्धियां दें।

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