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खेती के तरीको में बदलाव कर मालामाल हो रहे किसान, सब्जी, फूल, फलों और मसालो की ओर बढ़ा रूझान 

उन्नत उद्यानिकी तकनीक से सब्जी उत्पादन लेकर कृषक नंदकिशोर कावरे प्राप्त कर रहे अच्छी आय

Seoni 23 May 2025
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के किसान अब खेती के पारंपरिक तरीकों से हटकर आधुनिक तकनीक को अपना रहे हैं जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। यहां के किसान अब अनाज और दलहन की पारंपरिक खेती के साथ-साथ सब्जियां, मसाला, पुष्प, फल आदि उगाकर अपनी किस्मत बदल रहे हैं। 
कलेक्टर सिवनी सुश्री संस्कृति जैन के मार्ग दर्शन एवं उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की जिला अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी वासेवार के निर्देशन में विकासखंड के अधिकारी/कर्मचारियों के सतत प्रयास से सिवनी जिले में कृषकों के द्वारा ड्रिप, मल्चिंग एवं उन्नत तकनीकों का उपयोग कर उद्यानिकी फसल जैसे व्यवसायिक सब्जी, फल, फूलों की खेती, मसाला की खेती आदि का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। यह बदलाव न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार रहा है बल्कि कृषि क्षेत्र में एक नई दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है। शासन की मंशानुसार उद्यानिकी विभाग सिवनी जिले के किसानों को उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने और प्रति इकाई रकबे से अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने में सफल हो रहे है।
      ऐसा ही उदाहरण सिवनी जिले के विकासखंड बरघाट के ग्राम मरारी टोला के किसान नंदकिशोर कावरे का भी है। जिन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में व्यवसायिक सब्?जी की खेती को अपनाया है। नंदकिशोर कावरे 0.200 हेक्टेयर रकबे में हाईब्रिड करेला की किस्म स्1315 की खेती  की जा रही है उनके द्वारा सब्जी की खेती में उन्नत उद्यानिकी तकनीक जैसे ड्रिप, मल्चिंग आदि का प्रयोग कर गुणवत्ता युक्त सब्जी का उत्पादन किया जा रहा है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ‘”पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना अंतर्गत ड्रिप संयंत्र स्थापना हेतु नंदकिशोर को 17289 रूपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। नंदकिशोर के द्वारा 0.200 हेक्टर में 20 क्विंटल का उत्पादन किया जा रहा है जिसे वे स्थानीय बाजार में बेचकर 0.200 हे. से 80 हजार रूपये की कुल आय प्राप्त कर रहे है। 0.200 हे.में करेले की खेती की लागत लगभग 47000 रूपये आती है इस तरह नंदकिशोर कावरे 0.200 हे. में करेले की खेती कर लगभग 33 हजार रूपये का मुनाफा कमा रहे है। जो पारंपरिक खेती को कई गुना है। कृषक श्री कावरे अन्य किसानों को भी व्यवसायिक सब्जी की खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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