छिंदवाड़ामध्यप्रदेशराजनीति

गोंडवाना महासभा का आरोप – “आदिवासियों पर अत्याचार बढ़े, प्रशासन मौन”

जमीन हड़पने, महिलाओं पर अपराध और जबरन बेदखली के आरोप – प्रेस वार्ता में रमेश उइके ने प्रशासन को चेताया

 Chhindwara 21 June 2025

छिंदवाड़ा यशो:- अखिल भारतीय गोंडवाना महासभा के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रमेश उइके ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता में छिंदवाड़ा जिले समेत आसपास के क्षेत्रों में आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने आरोप लगाया कि –

“आदिवासी समाज की जमीनें योजनाबद्ध तरीके से भू-माफियाओं द्वारा हड़पी जा रही हैं, उन्हें नाम मात्र दाम में खरीदा जाता है और फिर महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। वहीं प्रशासन इस पर आँख मूंदे बैठा है।”

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि

रमेश उइके ने कहा कि आदिवासी महिलाओं के खिलाफ बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई नाकाफी है। उन्होंने एक प्रतीकात्मक उदाहरण का जिक्र करते हुए बताया कि –

“एक आदिवासी युवती के साथ दुष्कर्म से बचने के लिए युवक ने विवाह किया, लेकिन अब उसी महिला से दहेज की मांग कर उसे प्रताड़ित किया जा रहा है।”

जमीनों से जबरन हटाया जा रहा आदिवासियों को

गोंडवाना महासभा के पदाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की आड़ में आदिवासियों को उनकी पैतृक भूमि से हटाया जा रहा है, और इस दौरान मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं।

प्रशासन से की न्याय की माँग

रमेश उइके ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि –

“आदिवासी समाज को न्याय दिलाना शासन-प्रशासन की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आदिवासी समाज को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।”

संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा की माँग

गोंडवाना महासभा ने संविधान के अनुच्छेदों का हवाला देते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय को मिले विशेष संरक्षण और अधिकार यदि इसी तरह कुचले जाते रहे, तो समाज में असंतोष फैलना स्वाभाविक है।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!