हवाला लूटकांड पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश – “सोहनलाल को जालना स्थित घर तक सुरक्षित छोड़ा जाए”
कोर्ट ने कहा – सोहनलाल अपने आरोपों पर अलग याचिका दाखिल कर सकते हैं, पुलिस ने की थी अवैध हिरासत और मारपीट
Seoni/Jabalpur 15 October 2025
“हाईकोर्ट जबलपुर ने सिवनी हवाला लूटकांड मामले में बड़ा आदेश जारी किया है, जिसमें पुलिस को व्यापारी सोहनलाल परमार को जालना स्थित घर तक सुरक्षित छोड़ने के निर्देश दिए हैं।”
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश के बहुचर्चित सिवनी पुलिस हवाला लूटकांड में आज माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने उसके समक्ष विचाराधीन बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण करते हुये मध्यप्रदेश राज्य को इस निर्देश के साथ आदेशित किया है कि
व्यापारी सोहनलाल परमार को पुलिस सुरक्षा में उसके गृह नगर जालना (महाराष्ट्र) स्थित घर तक सुरक्षित छोड़ा जाए।
🔹 पुलिस को निर्देश
यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि जालना निवासी गंगाबाई परमार द्वारा अपने पति सोहनलाल परमार की रिहाई को लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (WP-41107/2025) दायर की गई थी।
बुधवार को मुख्य न्यायामूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि —
“सोहनलाल अपनी स्वतंत्रता के साथ साथ अपने साथ हुई शारीरिक और मानसिक प्रताडऩाओं में पुलिस के विरूद्ध अलग से कार्यवाही प्रस्तुत कर सकते है ।
इसके साथ ही साथ यह भी आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है कि –
पुलिस कंट्रोल रूम सिवनी में 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के सीसीटीव्ही फुटेज सुरक्षित रखे जाये ।
और सोहन लाल परमार की मेडिकल जांच (mlc) जबलपुर के शासकीय अस्पताल में कराई जाए।
🔹 पत्नी गंगाबाई की याचिका – “बिना रिमांड कई दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा गया”
याचिका में गंगाबाई ने आरोप लगाया कि उनके पति को पुलिस ने 10 अक्टूबर को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को छोड़ा दिया गया।
इसके बाद बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किय उसी रात जालना पुलिस के माध्यम से उठवाकर जालना के न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लिये बिना सिवनी पुलिस ने जालना पुलिस से सोहन लाल परमार को सिवनी लाया गया। इसके बाद से वे अवैध रूप से हिरासत में रखे गए।
अधिवक्ता श्रेयस दुबे और सूरज वाजपेयी ने कोर्ट में दलील दी कि —
“”सोहनलाल परमार को बिना ट्रांजिट रिमांड लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया, जो सीधा मानवाधिकार का उल्लंघन है।
राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल अभिजीत अवस्थी ने कहा कि बंदी पुलिस कस्टडी में नहीं है, केवल पूछताछ हेतु बुलाया गया था।
🔹 लगाए गंभीर आरोप – “पुलिस ने की मारपीट और रकम लूटी”
कोर्ट परिसर के बाहर सोहनलाल ने पत्रकारों के सवालों का जबाव देते हुयें लगाए गंभीर आरोप जिसमें सोहनलाल ने कहा कि
आईजी, एसपी सुनील मेहता एवं आयुष गुप्ता के नेतृत्व में दो कर्मचारियों को बुलवाकर बेरहमी से पिटाई करायी ।
सोहनलाल की वकील प्रियंका दुबे ने मीडिया को बताया कि —

सोहनलाल की वकील प्रियंका दुबे ने मीडिया को बताया कि —
“”पुलिस ने व्यापारी की रकम छीनी और
जब उसने विरोध किया,
पुलिस ने जुआ सट्टा की राशि है और
व्यापारी पर समझौते का प्रेशर बनाया गया विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गयी ।
मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़कर उल्टे आरोप लगाये जा रहे है ।
गलत प्रचार करने का प्रयास किया गया ।
प्रियंका दुबे के अनुसार, सोहनलाल के शरीर पर चोटों के स्पष्ट निशान हैं,
जिनके फोटो और मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे गए हैं।
🔹 पुलिस विभाग में मचा हड़कंप – 11 पुलिसकर्मी आरोपी
हवाला कांड में अब तक एसडीओपी पूजा पांडे,
थाना प्रभारी बंडोल, सहित 9 पुलिसकर्मी गिरफ्तार हो चुके हैं।
जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी अभी फरार बताए जा रहे हैं,
जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आईजी,
एसपी और आयुष गुप्ता पर भी मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।
🔹 कोर्ट ने दिया स्पष्ट संदेश
न्यायालय ने आदेश देते हुए कहा कि —
“किसी भी व्यक्ति को रिमांड या न्यायिक आदेश के बिना हिरासत में रखना संविधान विरोधी है।
राज्य यह सुनिश्चित करे कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनी रहे
यह वही मामला है, जिसमें सिवनी पुलिस ने पहले ₹2.96 करोड़ की हवाला राशि जब्त करने का दावा किया था।
लेकिन बाद में जप्त रकम सिर्फ ₹1.45 लाख निकलने से पूरा विभाग संदेह के घेरे में आ गया।
इस खुलासे के बाद से हवाला लूटकांड पुलिस इतिहास का सबसे बड़ा विवाद बन गया है।
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