ग्रामीण अंचलों में अवैध जहरीली शराब बिक्री खुलेआम, बिगड़ रहा वातावरण
छोटे छोटे किशोर भी सस्ती जहर युक्त शराब के हो रहे आदी
Seoni 08 September 2025
सिवनी यशो:- ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध जहर युक्त शराब का विक्रय दिनों दिन बढ़ते जा रहे है, युवा एवं किशोर वर्ग भी इस शराब का सेवन करने के आदी हो रहे है । ग्रामीण क्षेत्रों में अबैध रूप से निर्मित हो रही महुआ की शराब अधिकांशत: युरिया खाद के उपयोग से निर्मित हो रही है और इस शराब का अवैध का विक्रय कुछ व्यक्ति व्यापारिक रूप से कर रहे है । यह सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने के कारण गरीब मजदूर, बेरोजगार युवाओ और यहाँ तक किशोरों में इसका प्रचलन बढ़ रहा है ।
सिवनी जिले में अवैध शराब विक्रय की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गांव-गांव में बिक रही शराब से सबसे अधिक महिलाएं परेशान हैं। विदित हो कि इस बार शराब के ठेके खुलने के बाद से ही अवैध तरीके से शराब बिक्री के मामले तेजी से बढ़े हैं। कहीं महिलाएं विरोध कर रही हैं तो कहीं सरपंच आवाज उठा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब का विक्रय खुलेआम जारी है। विरोध करने वाले ग्रामीणों से शराब विक्रेता अभद्र व्यवहार करते हैं।
धारनाकलां का गौंडी मोहल्ला -अवैध शराब का बड़ा केन्द्र
बरघाट विकासखंड के धारनाकलां स्थित गौंडी मोहल्ला अवैध कच्ची शराब का बड़ा केन्द्र बन चुका है।
यहाँ सुबह से लेकर देर रात तक पियक्कड़ों का जमावड़ा लगा रहता है। जानकारी के अनुसार यहाँ एक महिला द्वारा अवैध शराब का व्यापार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह महिला खुलेआम कहती है – लोग पीने आते हैं तो बेचती हूँ,पुलिस को शिकायत करनी है तो कर दो, मैं यह काम बंद नहीं कर सकती। विरोध करने पर वह गाली-गलौज तक कर देती है।
पौनारकलां में भी शराब का धंधा
इसी तरह की शिकायत बरघाट क्षेत्र के ग्राम पौनारकलां से भी मिली है।
यहाँ एक व्यक्ति द्वारा खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है,
जिसके कारण शराब पीने वालों का जमावड़ा बना रहता है।
युवाओं पर नशे का असर, ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों का कहना है कि युवा पीढ़ी तेजी से इस नशे की चपेट में आ रही है। आए दिन गांवों में विवाद हो रहे हैं।
शराब विक्रेताओं का विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे आमजन में असंतोष है।
रसायनों से बन रही जहरीली शराब
जानकारी के अनुसार बेची जा रही कच्ची शराब महुआ सड़ाने के लिए यूरिया खाद और अन्य रसायनों से तैयार की जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।
यह शराब सामान्य देशी शराब से कहीं अधिक तेज और सस्ती होती है।
इतना ही नहीं, इसे उधार पर भी उपलब्ध कराया जाता है।
इसी कारण ग्रामीणों, खासकर किशोरों के बीच इसका सेवन तेजी से बढ़ रहा है।
गांव का माहौल बिगड़ रहा
स्थानीय लोगों का कहना है कि –
सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने वाली यह शराब पूरे गांव के माहौल को बिगाड़ रही है।
छोटे-छोटे बच्चे भी शराब की लत की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग – प्रशासन करे सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि –
अवैध शराब विक्रेताओं पर कठोर कार्रवाई की जाए और इस कुप्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए,
ताकि समाज और भविष्य की पीढ़ी को नशे की बुरी लत से बचाया जा सके।.



