क्राइमछिंदवाड़ामध्यप्रदेश

अवैध मदिरा बिक्री पर प्रशासन की कार्यवाही तेज

 Chhindwara 23 June 2025

छिंदवाड़ा यशो:-  जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जहां एक ओर प्रशासन की सक्रियता का संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में इस चुप्पी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। छिंदवाड़ा शहर में कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी अजीत एक्का के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग की टीम ने रिंग रोड और आसपास संचालित ढाबों पर छापा मार कार्रवाई की। इस दौरान आदित्य ढाबा, उड़ता पंजाब ढाबा, खालसा ढाबा, शुक्ला ढाबा और मलंग ढाबा से 26 कैन बीयर, 2 बोतल स्कॉच व्हिस्की, 22 पाव अंग्रेजी व्हिस्की तथा 34 पाव देशी शराब (प्लेन व मसाला) जब्त की गई।

कार्यवाही के दौरान एडीईओ कैलाशचंद्र चौहान, भारती गोंड, उपनिरीक्षक हर्ष सोनी, रुचि बागरी सहित आबकारी अमला मौजूद रहा। सभी संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ढाबा परिसर में अवैध मदिरा न बेची जाए और न ही मदिरापान कराया जाए, अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाएगी। यह मुहिम सतत् रूप से जारी रहेगी।

 पर जुन्नारदेव में अब भी नशे के अड्डों पर सन्नाटा क्यों?

वहीं दूसरी ओर, जुन्नारदेव कस्बे की स्थिति इसके ठीक विपरीत दिखाई देती है। वहां के भोजनालय और ढाबे अब भोजन के स्थान की बजाय नशे के अड्डों में तब्दील होते जा रहे हैं। मानसी भोजनालय जैसे प्रतिष्ठान अब आम लोगों की नहीं, बल्कि शराबियों की पसंदीदा जगह बन चुके हैं। स्थानीय व्यापारी और नागरिकों की माने तो हर रात यहां शराबियों की भीड़ लगती है, गाली-गलौज, झगड़े और शोरशराबे के कारण पूरा बाजार असुरक्षित हो गया है।

महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग अब वहां से गुजरने में भी डरने लगे हैं। जनता की ओर से मांग उठ रही है कि जुन्नारदेव के ढाबों और होटलों की भी तत्काल जांच हो, अवैध शराब की बिक्री रोकी जाए और इस कारोबार को संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्यवाही हो। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक प्रशासनिक कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या प्रशासन की यह चुप्पी लापरवाही है या मिलीभगत?

अब निगाहें जुन्नारदेव प्रशासन पर टिकी हैं – क्या वहां भी छिंदवाड़ा की तरह सक्रियता दिखाई जाएगी, या हालात और बिगड़ेंगे?

Dainikyashonnati

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