सिवनी कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्र को जमकर लताड़ा, उंगली दिखाकर कर रहा था बात
Chhindwara 07 January 2025
छिंदवाड़ा यशो:- प्रदेश के लिए यह खुशी की बात है कि सिंचाई के लिए अनेको परियोजनायें है एवं शासन में बजट भी दिया हुआ, किन्तु काम करने वाले अधिकारी नहीं है। जल संसाधन विभाग में अरबो के काम है किन्तु पूरा विभाग प्रभारियों के भरोसे चल रहा है, जो काम की प्रगति न देखकर सिर्फ ठेकेदार को भुगतान करने में लगे हैं, धरातल में काम कुछ नहीं, किन्तु करोड़ों के भुगतान हो गये, दक्षिण भारत की ठेका कम्पनी जिसके बारे में कहा जाता है कि ठेके पर यह काम तो लेती है और फिर अधिकारियों पर दबाव डाल कर करोड़ों का भुगतान भी ले लेती है, उदाहरण के तौर पर छिंदवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स जिसमें धरातल पर कोई काम नहीं किन्तु करोडों का सर्वे के नाम पर भुगतान हो गया। विभाग ने कितन भुगतान किया, जनप्रतिनिधियों को नहीं मालूम क्योकि विभाग के अधिकारी इनसे मिलते ही नहीं है, नही मिलने का परिणाम है।
बताया जाता है कि एक अधिकारी को कलेक्टर ने बुरी तरह फटकार लगाई, पिछले दिनों सिवनी की कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन (Collector Ms. Sanskriti Jain) ने दिशा की बैठक ली जिसमें मण्डला के सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, बालाघाट की सांसद श्रीमती सीमा पारधी एवं सभी क्षेत्रीय विधायक उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा में कार्यरत प्रभारी कार्यपालन यंत्री सन्तकुमार सिरसाम जिनके पास छिंदवाड़ा में बांध का कार्य है, इसके अलावा इनके पास सिवनी जिले की शेढ परियेाजना जो 1600 करोड़ रूपये की है और माचागौरा परियोजना 560 करोड़ रूपये की है।
सिवनी एवं नरसिंगपुर की शेढ परियोजना बढ़ी है, जिसका प्रभार सन्तकुमार सिरसाम के पास है। वे कलेक्टर को ऊंगली उठाकर बताने लगे, तो कलेक्टर भड़क गई और सिरसाम से कहा कि अपनी ऊंगली नीचे करो और अभी तक तुमने परियोजना के संबंध में जानकारी क्यों नहीं दी, और अभी तक कलेक्टर से मिले क्यों नही।
विधायक ने कहा सब इंजीनीयर लायक नहीं कार्यपालन यंत्री बनकर बैठा
बताया जाता है कि जब कलेक्टर डांट रही थी तब सिवनी के विधायक मुनमुन राय बैठे हुये थे, उन्होने कलेक्टर को बताया कि ये सब इंजीनियर के लायक नहीं है, किन्तु प्रभारी कार्यपालन यंत्री है।
कलेक्टर का गुस्सा देख अन्य अधिकारी सहम गये, बताया जाता है कि शेढ परियोजना में भी करोड़ों का भुगतान कर चुके है किन्तु फील्ड पर कुछ नहीं है। प्रदेश सरकार के पास अधिकारियों की कमी है मुख्यमंत्री ने कभी इसकी समीक्षा नहीं की अरबों की परियोजनाओं में अधिकारियों की कमी के कारण कार्य में गति नहीं आ रही है और ठेकेदार प्रभारी अधिकारियों पर दबाव डाल कर भुगतान लेते जा रहे है।
छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह जब छिंदवाड़ा आये थे तब उनसे सिंचाई काम्पलेक्स भुगतान की बात कही थी तो उन्होने कहा था कि ठेकेदार ने एडवान्स पेमेन्ट ले लिया है और भुगतान नहीं करेगेंं तो वह काम नहीं करेगा और विभाग का रूपया डूब भी सकता है।





