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पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा: 22 अभ्यर्थियों के खिलाफ 21 मामले दर्ज, मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
Bhopal 07 June 2025
मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ी अनियमितता सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पुलिस भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करने वाले अभ्यर्थियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 22 अभ्यर्थियों के खिलाफ 21 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं।
इस संबंध में पुलिस मुख्यालय भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) श्री अंशुमान सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में आरक्षक (त्र.ष्ठ. एवं रेडियो) के रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 6,52,057 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। द्वितीय चरण में 55,220 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 16 अक्टूबर से 20 नवम्बर 2024 तक आयोजित की गई थी, जिसके उपरांत कुल 6423 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन हुआ।
फर्जी अभ्यर्थियों ने दिए परीक्षा में दूसरे के स्थान पर पेपर
जांच के दौरान यह पाया गया कि मुरैना परीक्षा केन्द्र पर 5 अभ्यर्थियों ने स्वयं की जगह अन्य व्यक्तियों को भेजकर परीक्षा दिलवाई। संदेह होने पर उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया और उनके विरुद्ध विधिसम्मत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
इस अनुभव के बाद 21 अप्रैल 2025 को पुलिस मुख्यालय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक व आधार डाटा की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा से ठीक पहले और ठीक बाद अपने आधार बायोमेट्रिक डेटा में बदलाव कराया था।
तकनीकी जांच से खुली पोल
संदिग्ध पाए गए अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट, हस्ताक्षर, हस्तलिपि और लोकेशन की तकनीकी जांच की गई, जिससे पुष्टि हुई कि परीक्षार्थी खुद उपस्थित नहीं थे। इस आधार पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
आधार संशोधन प्रणाली का हुआ दुरुपयोग
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आधार कार्ड वेंडरों ने अधिक लाभ की लालच में बिना पूर्ण जांच के अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक संशोधन कर डाला, जिसका लाभ उठाकर अभ्यर्थियों ने नियमों को दरकिनार कर अपराध कारित किया।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में पूरे मामले की सघन निगरानी की जा रही है।



