सिवनीमध्यप्रदेश

भावांतर पर कक्का जी की हुंकार—“अबकी बार आर-पार!

सिवनी में किसानों का आंदोलन, रैली रोके जाने पर प्रशासन से नाराजगी; एमएसपी गारंटी की उठी मांग

कक्का जी की हुंकार: भावांतर लागू हुआ तो बड़े शहर जाम लगा देंगे जाम 

सिवनी यशो :- राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ एवं संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में 15 अगस्त से प्रारंभ हुई किसान जागरण यात्रा का समापन गुरुवार को सिवनी में प्रस्तावित था।

ट्रैक्टर रैली और आमसभा को लेकर गुरुवार को दिनभर प्रशासन और किसानों के बीच खींचतान की स्थिति बनी रही। शहर में ट्रैक्टर रैली प्रवेश को लेकर प्रशासन द्वारा सहमति से पीछे हटने पर किसान आक्रोशित हो गए। अंततः मंडला बायपास, आमाझिरिया के पास किसानों को रोक दिया गया, जहां बाद में आमसभा आयोजित की गई।

सिवनी में किसान सभा को संबोधित करते राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कक्का जी
कक्का जी की हुंकार: भावांतर लागू हुआ तो जाम करेंगे भोपाल-रीवा-जबलपुर

आमसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश की प्रस्तावित भावांतर योजना को किसानों के हित के विपरीत बताते हुए कहा कि इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।

कक्का जी ने कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में धान का उत्पादन होता है। यदि भावांतर योजना लागू की गई तो किसान इसका विरोध करेंगे और जरूरत पड़ी तो भोपाल, रीवा और जबलपुर को जाम कर दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी चर्चा हुई है।

सिवनी में किसान सभा को संबोधित करते राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कक्का जी
कक्का जी की हुंकार: भावांतर लागू हुआ तो जाम करेंगे भोपाल-रीवा-जबलपुर

‘भावांतर योजना किसानों के लिए लूट की योजना’

कक्का जी ने भावांतर योजना पर तीखा हमला बोलते हुए इसे किसानों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की उपज का वास्तविक लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए जिसमें किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए बाजार और सरकारी व्यवस्था के बीच भटकता रहे।

उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई केवल किसी एक जिले या राज्य की नहीं है, बल्कि देशभर के किसानों के अधिकारों की लड़ाई है।

सिवनी में किसान सभा को संबोधित करते राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कक्का जी

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी विरोध

सभा में कक्का जी ने मुक्त व्यापार समझौतों यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ कई नीतियां और कानून सामने आए हैं और अब मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से विदेशी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलने की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों की कोर कमेटी की दिल्ली में कई बैठकें हो चुकी हैं और किसानों के हितों को प्रभावित करने वाले समझौतों का विरोध जारी रहेगा।

‘सी-2 प्लस 50 लागू हो, खरीद की गारंटी मिले’

कक्का जी ने कहा कि किसानों की खुशहाली के दो प्रमुख आयाम हैं—ऋण मुक्ति और फसल का पूरा दाम। किसानों की प्रमुख मांग है कि फसलों का लाभकारी मूल्य सी-2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित किया जाए और उस मूल्य पर फसल खरीद की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही किसानों को संपूर्ण कर्ज से मुक्ति देने की मांग भी उठाई गई।

प्रशासन के रुख से नाराज हुए किसान

ट्रैक्टर रैली को शहर के भीतर लाने और ज्ञापन सौंपने को लेकर प्रशासन तथा किसान नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद अचानक स्थिति बदल गई। किसानों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने की आशंका के चलते मंडला बायपास पर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

मौके पर एएसपी दीपक, एसडीओपी चंचलेश मरकाम, टीआई चंद्रकिशोर सिरामे, इंडासिवनी टीआई चैनसिंह उइके, कोतवाली टीआई सतीश तिवारी, यातायात निरीक्षक विजय बघेल सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

पुलिस ने किसानों को बायपास पर रोक दिया। काफी देर तक किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत तथा मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। बाद में बायपास पर ही आमसभा आयोजित की गई। किसानों के शहर में प्रवेश के प्रयास को पुलिस ने रोक दिया और इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के बाद किसान अपने ट्रैक्टर लेकर वापस लौट गए।

‘संविधान के दायरे में रहकर काम करे प्रशासन’

कक्का जी ने जिला प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे वर्ष 1972 से किसान आंदोलनों से जुड़े हैं और हजारों आंदोलनों एवं रैलियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनों के दौरान कभी ऐसी स्थिति पैदा करने का प्रयास नहीं किया गया जिससे अशांति फैले।

उन्होंने दिल्ली के किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान 378 दिन तक दिल्ली की सड़कों पर बैठे रहे और बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी जान गंवाई, लेकिन आंदोलन के दौरान शांति बनाए रखने का प्रयास किया गया।

कक्का जी ने कहा कि प्रशासन को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास उचित नहीं है।

दिनभर चलता रहा अनुमति और रैली का विवाद

किसान जागरण यात्रा के समापन को लेकर सिमरिया मंडी में सभा और ट्रैक्टर रैली की अनुमति मांगी गई थी। बुधवार को दिनभर अनुमति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही और अंततः जिला प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया।

गुरुवार को सिवनी एसडीएम द्वारा मिशन स्कूल मैदान में अनुमति दिए जाने का आदेश सामने आया। इसके बाद कान्हीवाड़ा की ओर से ट्रैक्टर रैली सिवनी पहुंची, लेकिन मंडला बायपास, आमाझिरिया के पास उसे रोक दिया गया।

किसानों के अड़े रहने के बाद बायपास पर आमसभा के पश्चात ट्रैक्टर रैली को बींझावाड़ा होते हुए कचहरी चौक तक ले जाकर ज्ञापन सौंपने पर सहमति बनने की बात सामने आई। हालांकि बाद में इस व्यवस्था को लेकर भी स्थिति बदल गई और किसान शहर में प्रवेश नहीं कर सके।

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें

राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने धान, मक्का, गेहूं, सोयाबीन, कपास सहित सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की। प्रमुख मांगों में—

  • भावांतर योजना बंद की जाए।
  • किसानों को संपूर्ण कर्ज से मुक्त किया जाए।
  • एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए।
  • सी-2 प्लस 50 के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
  • सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी दी जाए।
  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील समाप्त की जाए।
  • संजय सरोवर परियोजना एवं भीमगढ़ जलाशय की नहरों का सीमेंटीकरण कराया जाए।
  • यूरिया और डीएपी सहित रासायनिक उर्वरकों की व्यवस्था पारदर्शी की जाए।
  • दुकानों एवं डबल लॉक केंद्रों पर खाद की निर्धारित लिमिट हटाई जाए।
  • रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए।
  • नकली खाद, बीज और कृषि दवाइयों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए।

आमसभा में राष्ट्रीय संगठन मंत्री रविदत्त सिंह, प्रदेश अध्यक्ष शोभाराम भलावी, प्रदेश संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार, प्रांत संगठन मंत्री धनसिंह ठाकुर, जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और सिवनी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे किसान नेता एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें:-

मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग का ताबड़तोड़ एक्शन, 11 कारोबारियों पर 1.80 लाख का जुर्माना

कक्काजी के बयान पर विधायक भड़के, कहा- मातृशक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं!

सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक

शिक्षक भर्ती का गणित: स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट की रिक्त पदों की स्थिति

महुआ से जहरीली शराब बनाने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 4720 किलो लाहन मौके पर नष्ट

https://pmkisan.gov.in/

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button