मध्यप्रदेशछिंदवाड़ा

खुले में गेहूं खरीदी, अव्यवस्थाओं का अंबार!

“नशे में रहता है समिति प्रबंधक” - किसानों का आरोप, कारीडोंगरी उपार्जन केंद्र पर नियमों की उड़ रही धज्जियां

 “कारीडोंगरी गेहूं खरीदी केंद्र पर किसानों ने लगाए गंभीर आरोप, खुले में खरीदी और अव्यवस्थाओं से बढ़ी परेशानी”

Chhindwara 11 May 2026
छिंदवाड़ा / परासिया यशो:- पगारा क्षेत्र की कारीडोंगरी सेवा सहकारी समिति का गेहूं उपार्जन केंद्र इन दिनों अव्यवस्थाओं और किसानों की परेशानियों को लेकर चर्चा में है। किसानों ने आरोप लगाया है कि कारीडोंगरी गेहूं खरीदी केंद्र में खुले मैदान में गेहूं खरीदी की जा रही है, जबकि मौसम में लगातार बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा खुले में खरीदी नहीं करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

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इसके बावजूद समिति प्रबंधन द्वारा आदेशों की अनदेखी करते हुए खुले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जारी रखी गई है। क्षेत्र में आए दिन आंधी-तूफान और बारिश होने से किसानों की उपज खराब होने का खतरा बना हुआ है।

किसानों को नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं

कारीडोंगरी गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचे किसानों ने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद केंद्र पर पीने के पानी, छांव और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। किसानों का कहना है कि कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।

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किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार गेहूं की बोरियों में थोड़ी बहुत मिट्टी निकलने पर समिति द्वारा किसानों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है और फिर 50 किलो के हिसाब से तौल दर्ज कर ली जाती है।

“शराब के नशे में रहता है प्रबंधक” — किसानों और ग्रामीणों का आरोप

कई किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समिति प्रबंधक कई बार शराब के नशे में रहता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार भी प्रबंधक का व्यवहार और शराबखोरी गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि किसानों की समस्याएं सुनने और व्यवस्थाएं सुधारने के बजाय समिति प्रबंधन लापरवाही बरत रहा है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

दर्जनों गांवों के किसान पहुंच रहे केंद्र

कारीडोंगरी गेहूं खरीदी केंद्र में आसपास के दर्जनभर से अधिक गांवों के किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं। समिति द्वारा 22 अप्रैल से खरीदी कार्य शुरू किया गया है।

इस संबंध में समिति प्रबंधक का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

https://www.ind24.tv/madhya-pradesh/madhya-pradesh-wheat-procurement-record-10-lakh-farmers-benefited

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