कोटकसा में शराब के खिलाफ ग्रामीणों की हुंकार, महिलाओं ने संभाली कमान
गांव में न शराब बिकेगी, न कोई पीकर मचाएगा उत्पात; नियम तोड़ने वालों को पुलिस के हवाले करने का सामूहिक फैसला
कोटकसा में शराब के खिलाफ ग्रामीणों की हुंकार, महिलाओं ने संभाली कमान
सिवनी/कुरई यशो :- शराब से उजड़ते परिवारों और बढ़ते विवादों के खिलाफ अब ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आदिवासी विकासखंड कुरई के बादलपार चौकी क्षेत्र के ग्राम कोटकसा में महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर गांव को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया है। मंगलवार, 15 सितंबर को ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में न कोई शराब बनाएगा, न बेचेगा और न ही शराब पीकर उत्पात मचाएगा।
इस सामूहिक निर्णय को लेकर ग्रामीणों ने गांव में जागरूकता रैली निकाली। हाथों में नशामुक्ति का संदेश लेकर महिलाएं और पुरुष घर-घर पहुंचे तथा ग्रामीणों से शराब से दूर रहने की अपील की। रैली के माध्यम से साफ संदेश दिया गया कि शराब केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है।
शराब के कारण आए दिन होते हैं विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि शराब के नशे में घर लौटने के बाद होने वाले विवादों और मारपीट से परिवारों का माहौल खराब होता है। महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के कारण गांव में पूर्व में कई गंभीर घटनाएं भी हो चुकी हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि सामाजिक स्तर पर मिलकर इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।
महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि गांव में शराब की बिक्री और शराब पीकर उत्पात किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीण समिति ऐसे मामलों पर नजर रखेगी और नियम तोड़ने वाले व्यक्ति को पुलिस के हवाले किया जाएगा।
पुलिस को दी सूचना, चौकी प्रभारी ने दिया सहयोग का भरोसा
ग्रामीणों ने अपने इस अभियान की जानकारी बादलपार पुलिस चौकी को भी दी। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी इंजन सिंह मरसकोले पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों के नशामुक्ति अभियान में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया तथा कानून का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही।
ग्रामीणों के इस अभियान में ग्राम पंचायत सरपंच अनीता कुडापे, सचिव केके गोस्वामी, चौकी प्रभारी इंजन सिंह मरसकोले सहित आसपास के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
महिलाओं की एकजुटता बनी अभियान की ताकत
नशामुक्ति अभियान में रविता तिजरे, सीमा देशमुख, रोशनी देशमुख, श्यामलता देशमुख, सविता सोनी, बिस्तो मालाधारी, राधा हिंगे, गीता मालाधारी, रुक्मणी वर्मा, रंजीत वर्मा, इतवारा वर्मा, गीता देशमुख, सुनील सोनी, प्यारती परते, लक्ष्मी परते, बबीता कहार, ज्योति वर्मा, जूली वर्मा और बेबी वरकड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दिन की रैली नहीं, बल्कि गांव को शराब और नशे की समस्या से मुक्त करने के लिए सामूहिक सामाजिक पहल है। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि परिवारों में शांति, बच्चों के बेहतर भविष्य और गांव के स्वस्थ सामाजिक वातावरण के लिए नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रखा जाएगा।
यह भी पढ़ें:-
आज से MP में मकान-प्लॉट की फ्री रजिस्ट्री शुरू, 50 लाख ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक
प्रसव पीड़ा में महिला को चारपाई पर ले जाना पड़ा अस्पताल, कीचड़ में एंबुलेंस भी बेबस
पेंच में 110 गाइडों की दक्षता बढ़ाने पर जोर
तनावमुक्त और संतुलित जीवन का मंत्र देगा ‘हैप्पीनेस प्रोग्राम’


