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लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान में उत्साह का आभाव

  • कांग्रेस प्रचार अभियान में पिछडी, आम मतदाता को नहीं पता कांग्रेस प्रत्याशी का नाम

सिवनी यशो:- आगामी 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिये मतदान होना है परंतु राजनैतिक दलों का प्रचार अभियान गतिहीन दिखाई दे रहा है। राजनैतिक दलो से अधिक प्रभावी सरकारी तंत्र का मतदाता जागरूकता अभियान है।

भाजपा ने लोकसभा के लिये श्रीमती भारती पारधी को प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने सम्राट सरस्वार को प्रत्याशी घोषित किया है । लोकसभा चुनाव के लिये मतदान की तिथि नजदीक आ चुकी है परंतु चुनाव में जैसा चुनावी माहौल होता वह पूरी तरह नदारत है । आम मतदाता तो यह भी कहने लगा है कि इस बार चुनाव हो कैसा रहा है समझ नहीं आ रहा है । भाजपा एवं कांग्रेस के अलावा अन्य राजनैतिक दल एवं निर्दलीय प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार भी कहीं दिख नही रहा है । भाजपा की प्रत्याशी श्रीमती भारती पारधी ने सिवनी विधानसभा सहित बरघाट विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क किया है और इनका चुनाव प्रचार होते हुये दिख भी रहा है परंतु प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के प्रत्याशी सम्राट सरस्वार सहित अन्य प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार अभी शून्य है । कांग्रेस पार्टी के तो कहीं झंडे बैनर तक दिखाई नहीं दे रहे है आम मतदाता से पूछा जाये कि कांग्रेस का प्रत्याशी कौन है तो वह नाम भी नहीं बता पा रहा है । चुनाव प्रचार का एक सप्ताह का समय ही बचा है परंतु कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव प्रचार की एक गाड़ी भी अभी दिखाई नहीं दी है और न ही प्रत्याशी का और न ही कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी के समर्थन में कोई जनसंपर्क करते हुये दिख रहा है ।
निराशाजनक चल रहे चुनाव प्रचार अभियान को देखकर समझदार मतदाता स्पष्ट रूप से टिप्पणी करने से भी नहीं चूक रहा है कि एक प्रत्याशी अपनी जीत को सुनिश्चित मानकर चुनाव प्रचार नहीं कर रहा है तो अन्य प्रत्याशी अपनी हार को सुनिश्चित मानकर व्यर्थ मेहनत और खर्चे से बच रहे है ।
कांग्रेस के निराशाजनक चुनाव अभियान की गति से ऐसा महसूस होता है कि कांग्रेस ने भाजपा को वाक ओवर दे दिया है । हालांकि अभी चुनाव प्रचार अभियान और जनसंपर्क अभियान के लिये एक सप्ताह से अधिक का समय शेष है । कांग्रेस अपने अभियान में तेजी ला सकती है और उत्साहहीन दिख रहे कांग्रेस के कार्यकत्र्ता सक्रियता से जुट सकते है परंतु फिलहाल जो स्थिती दिखाई दे रही है वह स्पष्ट कर रही है कि कांग्रेस में चुनाव को लेकर कोई उत्साह नहीं है ।

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