नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
05 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10,000 रु. अर्थदण्ड से दण्डित
Chhindwara 27 January 2025
छिंदवाड़ा यशो:- पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा अजय पाण्डे खत्री एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ए.पी. सिंह के द्वारा जिलेके समस्त थाना प्रभारियों (विवेचना अधिकारियों) को चिन्हित एवं अन्?य सभी प्रकरणो में निरंतर मॉनीटरिंग करने व न्यायालय द्वारा जारी समंस/वारंटो की त्वरित तामीली एवं समय पर साक्षियों/वारंटियो की न्यायालय में उपस्थिति कराने के संबंध में विशेष दिशा निर्देश दिये गये हैं ।
घटना का संक्षिप्त विवरण- दिनांक 14/10/24 को पीडि़ता द्वारा अपने परिजन के थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट लेख कराया कि दिनांक 13/10/2024 को उसके काका विनोद अटकोम उसे तिगांव ले जाने के बहाने मोटर सायकिल पर घर से लेकर गये रास्ते में मालनी सुरनादेही रोड के पास बांस के जंगल में आरोपी ने पीडि़ता के मना करने के बाद भी जबरदस्ती गलत काम (बलात्संग) कर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट पर अभियुक्त के विरुद्ध अप.क्र. 166/24 धारा 137(2), 64(1), 64(2)(F), 351(3) भारतीय न्याय संहिता एवं 3, 4, 5(), 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम* का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
विवेचना दौरान कार्यवाही- प्रकरण गंभीर प्रकृति का होने से वरिष्ट अधिकारियो से प्राप्त दिशा निर्देश के पालन में तत्काल घटना स्थल का सुक्ष्मता से निरीक्षण कर घटना स्थल पर पाये गये साक्ष्यो का विधिवत संकलन किया जाकर आरोपी द्वारा घटना कारित करने के बाद दीगर जिला फरार होने पर सायबर सेल की सहायता से पाढुर्णा जिले के तिगाव रेल्वे स्टेशन के पास से चंद घंटो में ही गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय पेश कर आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में 21 दिवस में विवेचना पूर्ण कर चालान क्र. 165/24 दिनांक 05/11/24 को तैयार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया ।
न्यायालय का निर्णय- प्रकरण में मान.अपर सत्र न्याया. जुन्नारदेव छिन्दवाड़ा द्वारा सत्र प्रकरण क्र. 26/2024 में विचारण के दौरान आये साक्ष्य, साक्षियो/डी.एन.ए. रिपोर्ट तथा अभियोजन पक्ष तथा बचाव पक्षो के तर्को को सुनने के उपरांत आज दिनांक 27/01/2025 को पारित निर्णय में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी विनोद पिता रामपाल अटकोम उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम कामठा (नवेगांव) को… धारा 3, 4, 5(n), 6 पाक्सो एक्ट में ”आजीवन कारावास, तथा 5,000/- रूपये अर्थदण्ड, धारा 137(2) BNS में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000/- रूपये अर्थदण्ड की राशि से दण्डित किया गया हैं। पीडि़ता को प्रतिकर राशि 02 लाख रुपये* प्रदाय करने हेतु आदेशित किया गया।



