सिवनी नगर पालिका में घमासान! कमीशन विवाद और आपसी लड़ाई में विकास ठप, जनता परेशान
Seoni 29 August 2026
सिवनी यशो:- सिवनी नगर पालिका में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर कांग्रेस पार्षद एवं पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष राजिक अकील खान ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका में कमीशन और बंटवारे को लेकर आपसी खींचतान, बयानबाजी, विवाद, गाली-गलौज और मारपीट तक की स्थिति सामने आ रही है, जिसका सीधा असर नगर के विकास पर पड़ रहा है।
राजिक अकील खान का आरोप है कि सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन, कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया और भाजपा पार्षदों के बीच चल रही कथित अंदरूनी खींचतान के कारण नगर हित के महत्वपूर्ण मुद्दे पीछे छूट गए हैं। जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनता ने उन्हें आपस में लड़ने के लिए चुना है या शहर के विकास के लिए?
हालांकि, कमीशन, बंटवारे और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित भाजपा जनप्रतिनिधियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
‘निजी स्वार्थ में नगर हित भूले जनप्रतिनिधि’
कांग्रेस पार्षद राजिक अकील खान ने आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधि नगर विकास और जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अपने आपसी विवादों में उलझे हुए हैं। उनका कहना है कि इसका परिणाम यह है कि नगर पालिका की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं और आम नागरिकों को रोजमर्रा की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को सड़क, पानी, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए चुना है, लेकिन नगर पालिका में राजनीतिक खींचतान हावी होती दिखाई दे रही है।
सड़कों पर आवारा मवेशी, हादसों का खतरा
राजिक अकील खान ने शहर में बढ़ती आवारा मवेशियों की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया। उनका कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में जानवर बैठे और घूमते नजर आते हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
उन्होंने बताया कि यह मुद्दा शांति समिति की बैठक में भी उठाया जा चुका है, जिसमें नगर पालिका क्षेत्र के मुख्य मार्गों से आवारा जानवरों को हटाने की मांग की गई थी।
मिशन स्कूल के सामने युवक हादसे का शिकार
राजिक अकील खान के अनुसार, आवारा मवेशियों के कारण होने वाले हादसों की गंभीरता हाल की एक घटना से समझी जा सकती है। उन्होंने बताया कि पूर्व पार्षद श्रीमती तृप्ति विनोद नामदेव के 21 वर्षीय पुत्र रात में मिशन स्कूल के सामने आवारा जानवर से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गंभीर हालत में नागपुर रेफर किए जाने और आईसीयू में उपचार चलने की जानकारी दी गई है।
इस घटना ने शहर में आवारा मवेशियों की समस्या को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
नजूल लीजधारक NOC के लिए काट रहे चक्कर
कांग्रेस पार्षद ने नगर पालिका में नजूल लीजधारकों की NOC से जुड़ी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई लीजधारक आवश्यक NOC के लिए नगर पालिका के चक्कर काट रहे हैं।
उनका आरोप है कि नागरिकों के काम समय पर नहीं होने से लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संबल राशि के लिए भी इंतजार
राजिक अकील खान ने संबल योजना से जुड़े हितग्राहियों की समस्या भी उठाई। उनके अनुसार कई लोगों ने संबल बीमा से संबंधित आवेदन महीनों पहले जमा किए हैं, लेकिन अभी तक उनके खातों में राशि नहीं पहुंची है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब गरीब और जरूरतमंद परिवार सरकारी सहायता की उम्मीद में आवेदन करते हैं, तो उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण क्यों नहीं हो रहा है?
कार्यकारी अध्यक्ष के वार्ड में गंदे पानी की शिकायत!
नगर में पेयजल व्यवस्था पर भी कांग्रेस पार्षद ने सवाल उठाया। उनका कहना है कि शहर के कई वार्डों से गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने विशेष रूप से सीवी रमन वार्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही वार्ड है, जहां से नगर पालिका के कार्यकारी अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। यदि कार्यकारी अध्यक्ष के वार्ड में ही गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो नगर के अन्य वार्डों की स्थिति पर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
‘नगर पालिका को राजनीतिक अखाड़ा न बनाएं’
राजिक अकील खान ने कहा कि नगर पालिका जनता की संस्था है। इसका इस्तेमाल राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने भाजपा के जनप्रतिनिधियों से आपसी विवाद छोड़कर नगर की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़े दर्जनों सवाल खड़े हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की आपसी बयानबाजी और विवाद के कारण वास्तविक मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं।
जनता पूछ रही—जनप्रतिनिधि किसके लिए?
राजिक अकील खान ने कहा कि सिवनी की जनता ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों को आपस में लड़ने के लिए नहीं, बल्कि नगर विकास और जनहित के लिए चुना है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि—
“क्या सिवनी की जनता ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों को आपस में लड़ने के लिए निर्वाचित किया था, या नगर के विकास के लिए?”
उनका कहना है कि इस सवाल का जवाब अब सिवनी की जनता को ही तय करना है।
उन्होंने कहा कि जनता को आपसी विवाद नहीं, बल्कि बेहतर सड़कें, स्वच्छ पानी, साफ-सफाई, आवारा मवेशियों से निजात और सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ चाहिए।
अब भाजपा का पक्ष भी महत्वपूर्ण
कांग्रेस पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद इस पूरे मामले में भाजपा विधायक, नगर पालिका कार्यकारी अध्यक्ष और संबंधित भाजपा पार्षदों का पक्ष महत्वपूर्ण हो गया है। विशेष रूप से कमीशन-बंटवारे, आपसी विवाद, कर्मचारियों के साथ कथित विवाद और नगर पालिका के कामकाज को लेकर लगाए गए आरोपों पर उनका स्पष्टीकरण सामने आना जरूरी है।
आरोपों की पुष्टि या खंडन संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही किया जा सकेगा।
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