प्रसिद्ध संगीतकार एवं कीर्तनकार अभय मानके ने सरस्वती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दी भावपूर्ण प्रस्तुति, रामायणी सम्मान से हो चुके हैं सम्मानित
Seoni, 27 October 2026
सिवनी यशो:- भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित गीत रामायण की संगीतमय प्रस्तुति ने सरस्वती शिशु उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भैरवगंज सिवनी के विद्यार्थियों को भावविभोर कर दिया। विद्यालय के अंबेडकर सभागार में प्रसिद्ध संगीतकार, कीर्तनकार, गायक एवं तबला वादक श्री अभय मानके ने गीत रामायण के हिंदी अनुवाद की मनमोहक प्रस्तुति दी।

भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का संगीत के माध्यम से सजीव चित्रण देखकर विद्यालय के भैया-बहन मंत्रमुग्ध हो गए।
श्री अभय मानके ने अपनी विशिष्ट गायन शैली और संगीत के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में भक्ति, संगीत और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय हो उठा और विद्यार्थियों ने संगीतमय प्रस्तुति का आनंद लिया।
दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन-अर्चन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, मां भारती एवं परम श्रद्धेय ओम के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पूजन एवं अर्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री अभय मानके, वनांचल शिक्षा सेवा न्यास के कोषाध्यक्ष श्री अरुण पाटेवार, विद्या भारती महाकौशल प्रांत के सहसचिव श्री नितिन चौधरी, विद्या भारती सिवनी के जिला सचिव विनीत अग्रवाल तथा विद्यालय व्यवस्थापक श्री नूपेश ठाकुर उपस्थित रहे।

इसके पश्चात विद्यालय परिवार की ओर से मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया गया। गीत रामायण की प्रस्तुति देने पहुंचे श्री अभय मानके एवं उनके साथ संगीत सहयोग प्रदान करने वाली उनकी धर्मपत्नी का विद्यालय परिवार ने राम दरबार के आकर्षक प्रतीक चिह्न से सम्मान किया।
संगीत और आध्यात्मिक साधना के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान
श्री अभय मानके संगीत एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। रसायन शास्त्र में एमएससी की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे इंदौर आरक्षण कार्यालय में मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत हैं। व्यावसायिक दायित्वों के साथ संगीत, कीर्तन और रामायण के प्रचार-प्रसार के प्रति उनका समर्पण उल्लेखनीय है।
उनकी उपलब्धियों में वर्ष 2026 का रामायणी सम्मान प्रमुख है। इसके अतिरिक्त उन्हें ब्राह्मण महाराष्ट्र मंडल द्वारा जीवन गौरव पुरस्कार, श्री श्री रविशंकर द्वारा कला सेतु सम्मान तथा गुनिजन अहिल्या सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। रामायण पर उनके विशिष्ट कार्य के लिए आध्यात्मिक मंडल, दिल्ली द्वारा उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की गई है।
विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और रामायण से जोड़ने का प्रयास
गीत रामायण की इस संगीतमय प्रस्तुति ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों से परिचित कराने के साथ भारतीय संस्कृति, भक्ति और संगीत की समृद्ध परंपरा से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।