Wed, 28 Oct 2026 | 01:08:39 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
बड़ी मात्रा में विद्युत तार बरामद; चोरी के तार खरीदने का आरोप नैनपुर–केवलारी और वारासिवनी–कटंगी रेलखंड पर सुरक्षा मजबूत, दो समपार फाटकों पर विद्युत इंटरलॉकिंग शुरू 1 नवंबर से विकास और गौरव का संदेश! किसान कल्याण के साथ जनजातीय स्वाभिमान पर भी मोहन सरकार का जोर 1 नवंबर से विकास और गौरव का संदेश! किसान कल्याण के साथ जनजातीय स्वाभिमान पर भी मोहन सरकार का जोर 90 दिनों की तपस्या, बजरंगबली का चोला और भक्ति की अविरल धारा; वारासिवनी में मां अंजनी पुत्र सेवादल समिति की अनूठी परंपरा गीत रामायण की संगीतमय प्रस्तुति ने मोहा मन, रामकथा के प्रसंग 13 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली मोटरसाइकिल रैली छात्रों की समस्याओं पर NSUI का आर-पार का ऐलान, चौरई में कॉलेज प्रबंधन नौकर ही निकला मालिक के घर का चोर! कपड़ा कारोबारी के घर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी, कर्मचारी गिरफ्तार 2611.13 करोड़, पेंच परियोजना को 197 करोड़ की मंजूरी बड़ी मात्रा में विद्युत तार बरामद; चोरी के तार खरीदने का आरोप नैनपुर–केवलारी और वारासिवनी–कटंगी रेलखंड पर सुरक्षा मजबूत, दो समपार फाटकों पर विद्युत इंटरलॉकिंग शुरू 1 नवंबर से विकास और गौरव का संदेश! किसान कल्याण के साथ जनजातीय स्वाभिमान पर भी मोहन सरकार का जोर 1 नवंबर से विकास और गौरव का संदेश! किसान कल्याण के साथ जनजातीय स्वाभिमान पर भी मोहन सरकार का जोर 90 दिनों की तपस्या, बजरंगबली का चोला और भक्ति की अविरल धारा; वारासिवनी में मां अंजनी पुत्र सेवादल समिति की अनूठी परंपरा गीत रामायण की संगीतमय प्रस्तुति ने मोहा मन, रामकथा के प्रसंग 13 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली मोटरसाइकिल रैली छात्रों की समस्याओं पर NSUI का आर-पार का ऐलान, चौरई में कॉलेज प्रबंधन नौकर ही निकला मालिक के घर का चोर! कपड़ा कारोबारी के घर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी, कर्मचारी गिरफ्तार 2611.13 करोड़, पेंच परियोजना को 197 करोड़ की मंजूरी

किसान कल्याण वर्ष : 1 नवंबर से विकास और गौरव का संदेश! किसान कल्याण के साथ जनजातीय स्वाभिमान पर भी मोहन सरकार का जोर

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Oct 28, 2026 06:56 am / Post views : 3

1 नवंबर से विकास और गौरव का संदेश! किसान कल्याण के साथ जनजातीय स्वाभिमान पर भी मोहन सरकार का जोर
शेयर करें:

सिंचाई, फसल बीमा और वन्यजीवों से फसल सुरक्षा की पहल के साथ जनजातीय अंचलों के विकास और भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को सम्मान; स्थापना दिवस पर प्रदेश के विकास संकल्पों को मिलेगी प्रमुखता

भोपाल। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य के संकल्पों को सामने रखने का अवसर है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत खेती-किसानी को मजबूत बनाने की पहल के साथ जनजातीय गौरव, स्वाभिमान और जनजातीय अंचलों के विकास को भी व्यापक दृष्टिकोण से देखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार की ओर से सामने आई विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, वनांचल की आजीविका और जनजातीय समाज से जुड़े विषय महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

नक्शे देखें

मध्यप्रदेश की पहचान उसकी कृषि परंपरा, प्राकृतिक संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से भी जुड़ी है। इसलिए किसान को आर्थिक सुरक्षा और खेतों तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान, आजीविका के अवसर और विकास सुविधाएं बढ़ाना भी प्रदेश के समग्र विकास की महत्वपूर्ण कसौटी है।

किसान कल्याण: खेतों में पानी से लेकर फसल सुरक्षा तक

किसान कल्याण वर्ष के तहत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल बीमा और जंगली जानवरों से फसलों को बचाने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, नर्मदा घाटी विकास की चार सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित लगभग ₹3,378 करोड़ की मंजूरी का विषय सामने आया है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों से संबंधित हैं।

नक्शे देखें

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी 2025-26 के लिए ₹317.86 करोड़ की राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा कम वर्षा अथवा 80 प्रतिशत से कम बुवाई की आशंका वाले 12 जिलों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार सहायता देने की बात सामने आई है।

किसानों की एक अन्य चुनौती जंगली जानवरों से फसलों को होने वाला नुकसान है। मुख्यमंत्री के अनुसार, हेलीकॉप्टर और बोमा पद्धति की सहायता से लगभग 1,236 काले हिरणों को सुरक्षित रूप से पकड़ने और उन्हें निर्धारित वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने का अभियान चलाया गया है। इस कार्य में अफ्रीकी विशेषज्ञों, 11 ट्रकों और पशु चिकित्सकों की सहायता लिए जाने की जानकारी दी गई है।

इन पहलों का वास्तविक लाभ सिंचाई परियोजनाओं के समय पर पूरा होने, पात्र किसानों को बीमा सहायता मिलने और फसल नुकसान में प्रत्यक्ष कमी आने से तय होगा। वन्यजीवों के स्थानांतरण में उनके सुरक्षित पुनर्वास और प्राकृतिक आवास के संरक्षण को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है।

जनजातीय गौरव: विरासत का सम्मान, विकास के नए अवसर

मध्यप्रदेश के जनजातीय समाज का इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान प्रदेश की गौरवशाली पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान बिरसा मुंडा का संघर्ष, स्वाभिमान और समाज के अधिकारों के लिए उनका योगदान जनजातीय गौरव की भावना को विशेष अर्थ देता है।

नक्शे देखें

15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्थापना दिवस से लेकर जनजातीय गौरव दिवस तक का समय प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय नायकों की विरासत और जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े संकल्पों को प्रमुखता देने का अवसर बन सकता है।

जनजातीय गौरव का अर्थ केवल महापुरुषों को स्मरण करना नहीं, बल्कि जनजातीय परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल और आजीविका की बेहतर सुविधाएं पहुंचाना भी है। वन उपज पर निर्भर परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, स्थानीय परंपराओं का संरक्षण और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार इस दिशा के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

वनांचल की आजीविका और विकास पर भी ध्यान

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता संग्रहण से संबंधित बोनस के रूप में शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी और सतना जिलों के 8.66 लाख से अधिक पात्र संग्राहकों को ₹22.89 करोड़ दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त शहडोल दक्षिण वन मंडल से संबंधित ₹22.14 करोड़ के कार्यालय एवं आवासीय कार्यों तथा ₹461.83 करोड़ लागत के 134 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन का विवरण भी सामने आया है।

तेंदूपत्ता और अन्य वनोपज पर निर्भर परिवारों के लिए समय पर बोनस, उचित मूल्य और रोजगार के अवसर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकते हैं। जनजातीय अंचलों में विकास की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि बुनियादी सुविधाओं का लाभ दूरस्थ गांवों तक पहुंचे और स्थानीय समुदायों की आजीविका मजबूत हो।

स्थापना दिवस से प्रदेश के विकास संकल्पों पर नजर

1 नवंबर का स्थापना दिवस मध्यप्रदेश की उपलब्धियों और आगामी प्राथमिकताओं को सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। किसान कल्याण और जनजातीय गौरव को साथ रखकर देखने से विकास की ऐसी तस्वीर सामने आती है, जिसमें खेतों की समृद्धि, गांवों की आर्थिक मजबूती, वनांचलों की आजीविका और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान एक-दूसरे से जुड़े हैं।

नक्शे देखें

सरकारी योजनाओं और घोषणाओं का महत्व तभी बढ़ेगा, जब उनके परिणाम आम लोगों के जीवन में दिखाई दें। किसानों को सिंचाई और फसल बीमा का लाभ मिले, वन्यजीवों से फसलों को होने वाला नुकसान घटे और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो—इन्हीं परिणामों से विकास संकल्पों की प्रभावशीलता तय होगी।

मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में किसान की खुशहाली और जनजातीय समाज का सम्मान—दोनों महत्वपूर्ण हैं। स्थापना दिवस से जनजातीय गौरव दिवस तक इन विषयों को प्रमुखता देना प्रदेश की कृषि शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और समावेशी विकास की भावना को एक साथ सामने लाने का अवसर हैनक्शे देखें


Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष

जरूरी खबरें