रेल सिग्नल और लिफ्टिंग बैरियर के बीच बेहतर समन्वय से सुरक्षित रेल परिचालन को मिलेगा बल, सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी होगी मजबूत
सिवनी/नागपुर यशो:- रेलगाड़ियों के सुरक्षित परिचालन और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में नैनपुर–केवलारी और वारासिवनी–कटंगी रेलखंड के दो मानवयुक्त समपार फाटकों पर विद्युत इंटरलॉकिंग प्रणाली सफलतापूर्वक चालू कर दी गई है।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को नैनपुर–केवलारी सेक्शन के समपार फाटक संख्या NC-07 और 24 अक्टूबर 2026 को वारासिवनी–कटंगी सेक्शन के समपार फाटक संख्या BK-36 पर यह व्यवस्था शुरू की गई।
सिग्नल और बैरियर के बीच होगा बेहतर समन्वय
विद्युत इंटरलॉकिंग प्रणाली में गेट सिग्नल और इंटरलॉक्ड लिफ्टिंग बैरियर की सुविधा शामिल है। इस तकनीक के माध्यम से समपार फाटक के संचालन को रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्था से जोड़ा जाता है, जिससे निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार रेलगाड़ियों का परिचालन करने में सहायता मिलती है।
समपार फाटक पर रेलमार्ग और सड़क मार्ग एक-दूसरे को पार करते हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। नई प्रणाली से फाटक के संचालन और रेल सिग्नल के बीच समन्वय बेहतर बनाने तथा मानवीय त्रुटियों की आशंका कम करने में मदद मिलेगी।
वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को भी मजबूती
समपार फाटकों से प्रतिदिन वाहन चालक, पैदल यात्री और अन्य सड़क उपयोगकर्ता गुजरते हैं। विद्युत इंटरलॉकिंग जैसी तकनीकी व्यवस्था इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इससे रेल परिचालन को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
नागपुर मंडल द्वारा आधुनिक सिग्नलिंग प्रणालियों और तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से रेल संरक्षा को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नैनपुर–केवलारी और वारासिवनी–कटंगी सेक्शन के इन दोनों फाटकों पर नई प्रणाली का चालू होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रेलवे का उद्देश्य यात्रियों, रेल कर्मचारियों और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित एवं सुचारु रेल परिचालन सुनिश्चित करना है।