मध्यप्रदेशसिवनी
मंत्रि-परिषद बैठक में बड़े फैसले - शून्य ब्याज पर फसल ऋण, चिकित्सालयों में नए पद और एसडीजी मूल्यांकन योजना को मंजूरी
विकास योजनाओं को हरी झंडी दी
Bhopal 23 October 2025
भोपाल :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य के आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पावधि फसल ऋण योजना को जारी रखने, सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) मूल्यांकन योजना को स्वीकृत करने तथा पांच जिला चिकित्सालयों में बिस्तरों के उन्नयन और 810 नए पदों के सृजन जैसे फैसलों को अनुमति दी गई।मुख्य निर्णय — सारांश
- कृषि फसल ऋण: सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पावधि फसल ऋण योजना को जारी रखने की स्वीकृति; खरीफ 2025 की ड्यू डेट 28 मार्च 2026 और रबी 2025-26 की ड्यू डेट 15 जून 2026 निर्धारित।
- एसडीजी मूल्यांकन योजना: वर्ष 2025-30 के लिए सतत विकास लक्ष्य मूल्यांकन योजना को स्वीकृत कर जिला स्तर पर रैंकिंग एवं पुरस्कार प्रणाली लागू करने का निर्णय।
- स्वास्थ्य अधोसंरचना: पांच जिला चिकित्सालयों (टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी) में कुल 800 बिस्तरों का उन्नयन और 810 नए पदों का सृजन (543 नियमित, 4 संविदा, 263 आउटसोर्सिंग) मंजूर।
- निवर्तन के लिए भूखण्ड आरक्षित मूल्य: कलेक्टर गाइडलाइन के 100% क्षेत्रफल पर आरक्षित मूल्य तय करने का निर्णय—पूर्व नीति के 60% से संशोधन।
- न्यायिक एवं अन्य प्रशासनिक निर्णय: मालथौन (सागर तहसील) में कनिष्ठ खण्ड न्यायालय के लिए नया व्यवहार न्यायाधीश पद व 6 सहायक पदों का सृजन।
फसल ऋण योजना — ज़रूरी विवरण
मंत्रि-परिषद ने सहकारी बैंकों के माध्यम से दी जा रही अल्पावधि फसल ऋण पर शून्य प्रतिशत ब्याज की नीति को निरंतर रखने की स्वीकृति दी है। योजना के अंतर्गत खरीफ और रबी सत्र की निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज वसूला नहीं जाएगा।- राज्य सरकार द्वारा सभी किसानों के लिए 1.5% सामान्य ब्याज अनुदान प्रदान किया जाएगा।
- ड्यू डेट तक ऋण अदा करने वाले किसानों को अतिरिक्त 4% प्रोत्साहन स्वरूप ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
- वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए वितरित निधि का लक्ष्य लगभग ₹23,000 करोड़ रखा गया है।
एसडीजी मूल्यांकन योजना (2025–30)
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण, क्रियान्वयन एवं मूल्यांकन के लिए एसडीजी मूल्यांकन योजना को आगामी पाँच वर्षों (2025-2030) के लिए स्वीकृत किया। योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:- राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर पर एसडीजी संकेतकों के आधार पर डैशबोर्ड बनाकर रैंकिंग की जाएगी।
- प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष दोनों जिलों को वार्षिक पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी—प्रथम स्थान: ₹1 करोड़; द्वितीय स्थान: ₹75 लाख।
- जो जिले कमजोर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रदेश की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मुख्य धारा में लाने के लिये लक्षित समर्थन दिया जाएगा।
- योजना हेतु अनुमानित व्यय: ₹19.10 करोड़ (₹3.82 करोड़ प्रति वर्ष)।
स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार — बिस्तरों व पदों का विवरण
मंत्रि-परिषद ने निम्नलिखित जिला चिकित्सालयों में बिस्तरों में वृद्धि और नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है:- टीकमगढ़: बिस्तर 300 → 500
- नीमच: बिस्तर 200 → 400
- सिंगरौली: बिस्तर 200 → 400
- श्योपुर: बिस्तर 200 → 300
- डिंडौरी: बिस्तर 100 → 200
न्यायिक व प्रशासनिक निर्णय
मंत्रि-परिषद ने रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश, जबलपुर के- न्यायिक जिला सागर की तहसील मालथौन में – कनिष्ठ खण्ड स्तर पर व्यवहार न्यायाधीश के एक नवीन पद और उनके अमले तत्त्व में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 6 पदों का सृजन स्वीकृत किया। इस निर्णय से स्थानीय न्यायपालिका की पहुँच बेहतर होगी।निवर्तन हेतु भूखण्ड आरक्षित मूल्य — नीति में संशोधन
पूर्व में पुनर्घनत्वीकरण नीति 2022 की कंडिका 10.11 के अनुसार- ऑफसेट मूल्य निर्धारण में केवल 60% क्षेत्रफल को – 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट पर माना जाता था। अब इसे संशोधित कर ऑफसेट मूल्य निर्धारण के लिए 100% क्षेत्रफल और 100% कलेक्टर गाइडलाइन रेट लगाये जाने का निर्णय लिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए अधिक राशि उपलब्ध होगी और राज्य को राजस्व वृद्धि का लाभ मिलेगा।मंत्रि-परिषद बैठक में बड़े फैसले
- कृषि फसल ऋण पर शून्य प्रतिशत ब्याज —ड्यू डेट्स: खरीफ: 28 मार्च 2026; रबी: 15 जून 2026
- एसडीजी योजना एवं पुरस्कार: प्रथम स्थान ₹1 करोड़; द्वितीय स्थान ₹75 लाख
- स्वास्थ्य विस्तार: 800 बिस्तरों की वृद्धि, 810 नए पद
- अनुमानित व्यय (एसडीजी योजना): ₹19.10 करोड़
- नए न्यायिक पद: मालथौन तहसील में कनिष्ठ खण्ड न्यायालय हेतु 7 पद



