छपारा नगर परिषद में नया बवाल, स्थानांतरित सीएमओ श्याम गोपाल भारती की वापसी की मांग
13 पार्षद नाराज, प्रभारी सीएमओ गीता बाल्मीकी को लेकर उठे सवाल
Chhapara 23 September 2025
सिवनी यशो:- नगर परिषद छपारा में भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली को लेकर विवाद तेजी से बढ़ता जा रहा है। छपारा में पदस्थ प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) गीता बाल्मीकी के कार्यभार संभालने के बाद पार्षदों और सभापति में असंतोष के लावा ने नगर परिषद का माहौल गर्म कर दिया है। गीता बाल्मीकी मूल रूप से लखनादौन नगर पालिका परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी हैं और हाल ही में छपारा का प्रभार दिया गया।
क्यों नाराज हैं पार्षद और सभापति?
छपारा नगर परिषद के 13 पार्षद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में पदस्थ सीएमओ श्यामगोपाल भारती पारदर्शी और संतुलित कार्य करते थे, लेकिन सत्ता पक्ष की हठधर्मिता और स्वार्थ पूर्ति के चलते उनका स्थानांतरण करवा दिया गया।
नए प्रभारी सीएमओ गीता बाल्मीकी ने पुराने निर्माण कार्यों, क्रय-विक्रय और बिल भुगतान की जांच शुरू कर दी है। पार्षद और अध्यक्ष इसे अपनी सुविधानुसार भ्रष्टाचार रोकने का प्रयास मान रहे हैं और इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसके कारण 13 पार्षदों ने जबलपुर स्थित संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर पूर्व सीएमओ श्यामगोपाल भारती को पुनः छपारा भेजने की मांग की है।
गीता बाल्मीकी पर नाराजगी के कारण
पार्षदों का कहना है कि प्रभारी सीएमओ गीता बाल्मीकी का व्यवहार संतुलित नहीं है।
जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं किया जाता और आम जनता की शिकायतें भी अनसुनी रह जाती हैं।
उनके द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयास को पार्षद और अध्यक्ष राजनीतिक बाधा मान रहे हैं।
स्थिति और आगे का रास्ता
इस पूरे विवाद से यह साफ़ हो रहा है कि –
नगर परिषद में भ्रष्टाचार की परंपरा और सत्ता राजनीति की टकराहट ने छपारा के विकास कार्यों को प्रभावित किया है।
अब सवाल यह है कि –
क्या श्यामगोपाल भारती को वापस भेजा जाएगा या प्रभारी सीएमओ गीता बाल्मीकी को हटाया जाएगा,
और इस पर संयुक्त संचालक जबलपुर क्या निर्णय लेते हैं।
छपारा नगर परिषद का यह मामला स्थानीय प्रशासनिक कार्रवाई,
पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है



