सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार: डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने 2,480 करोड़ रुपये के विकास पैकेज को दी मंजूरी
आईटी पार्क, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण, ड्रोन टेक्नोलॉजी, कर्मचारियों के कल्याण और किसानों के हित में कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर
एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: 2480 करोड़ की मंजूरी, IT पार्क से 8000 रोजगार
Bhopal 28 July 2026
भोपाल यशो:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, महिला सशक्तिकरण और सुशासन को गति देने वाले अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं के लिए लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण दोनों मोर्चों पर समान गति से कार्य कर रही है।

बैठक में खेल, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं तकनीक, सिंचाई, न्यायिक व्यवस्था, कर्मचारी कल्याण, महिला सुरक्षा और किसान हितों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति दी गई। इन निर्णयों से आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने के साथ हजारों युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत तथा महिलाओं को अधिक सुरक्षित और सशक्त वातावरण उपलब्ध होगा।
महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी-2026 के आयोजन को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने अक्टूबर 2026 में भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होने वाली महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी-2026 के सफल आयोजन के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की।
इस प्रतियोगिता में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड सहित एशिया की छह प्रमुख महिला हॉकी टीमें भाग लेंगी। लगभग 200 खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भोपाल पहुंचेंगे। प्रतियोगिता का आयोजन हॉकी इंडिया एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग संयुक्त रूप से करेंगे।

सरकार का मानना है कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से मध्यप्रदेश की खेल अधोसंरचना को वैश्विक पहचान मिलेगी, प्रदेश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।
सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना
कैबिनेट ने सिंगरौली जिले की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख रुपये की मंजूरी दी। यह परियोजना 2026 से 2031 तक संचालित होगी और सिंगरौली जिले के 119 गांवों में लगभग 38 हजार हेक्टेयर भूमि को सूक्ष्म सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी।
मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना
मंदसौर जिले की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 184 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके माध्यम से लगभग 46,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता और आय में वृद्धि होने की संभावना है।
ड्रोन टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर को मिलेगा नया विस्तार
मंत्रिपरिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ 21 लाख रुपये स्वीकृत किए।
IISER भोपाल में बनेगा ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 85 करोड़ 51 लाख रुपये है, जिसमें अगले तीन वर्षों में 17 करोड़ 90 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन डिजाइन, डिजिटल ट्विन तकनीक, UAV निर्माण, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, प्रोटोटाइप विकास तथा परीक्षण जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इससे मध्यप्रदेश ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकेगा।
आईटी पार्कों को मिली नई गति, 8 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
प्रदेश सरकार ने आईटी पार्क स्थापना योजना की अवधि वर्ष 2031 तक बढ़ाते हुए 595 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में विकसित आईटी पार्कों के माध्यम से प्रदेश में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई गति मिलेगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 8 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अब तक लगभग 22 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान हुए निवेश समझौतों के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में आईटी एवं ईएसडीएम (ESDM) क्षेत्र का तेजी से विस्तार होगा और मध्यप्रदेश तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा नया आधार
नई तकनीकों के उपयोग के लिए 110 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत AI आधारित बिजनेस इंटेलिजेंस, व्हाट्सएप चैटबॉट, ई-साइन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा, ड्रोन सेवाएं तथा अन्य आधुनिक आईटी समाधान विकसित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त—
- एमपी स्टेट स्पेशियल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर (GIS) के लिए 40 करोड़ 20 लाख रुपये।
- क्लाउड सेवाओं के विस्तार के लिए 26 करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इन योजनाओं से शासन की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, तेज और डिजिटल होगी।
ग्वालियर में बनेगा विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय का नया वृत्त कार्यालय
मंत्रिपरिषद ने ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नए वृत्त कार्यालय की स्थापना तथा 9 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी।
इससे ग्वालियर और चंबल संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों को त्वरित सेवाएं मिलेंगी तथा भविष्य में प्रस्तावित 600 मेगावाट बैटरी स्टोरेज सोलर पावर प्लांट के संचालन में भी सुविधा होगी।
नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना
मंदसौर जिले के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के न्यायालय सहित 9 नए पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे स्थानीय लोगों को न्यायिक सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध होंगी और प्रकरणों के त्वरित निराकरण में सहायता मिलेगी।
प्रशासनिक प्रशिक्षण को मिलेगा नया विस्तार
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए 129 करोड़ 12 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस राशि से मिशन कर्मयोगी, प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रशासनिक क्षमता निर्माण तथा अकादमी की अधोसंरचना का विकास किया जाएगा।
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के लिए 198 करोड़ रुपये
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति के अंतर्गत 198 करोड़ 59 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस राशि से—
- संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन
- शक्ति सदन
- सखी निवास
जैसी योजनाओं का संचालन वर्ष 2031 तक जारी रहेगा।
महिलाओं को सुरक्षित आवास, संकट की स्थिति में संरक्षण, पुनर्वास तथा सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में 982 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और समूह बीमा योजनाओं के संचालन के लिए 982 करोड़ 49 लाख रुपये की मंजूरी दी।
इस राशि से पेंशन संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, कर्मचारी कल्याण कोष, समूह बीमा योजनाएं तथा अन्य वित्तीय सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
किसानों को बोनस योजना का मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने समर्थन मूल्य पर उपार्जित फसलों पर किसानों को बोनस भुगतान योजना की निरंतरता को भी मंजूरी प्रदान की।
इस निर्णय से आगामी वर्षों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त बोनस राशि का लाभ मिलता रहेगा, जिससे कृषि आय को मजबूती मिलेगी।
विधिक माप विज्ञान नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम-2011 में संशोधन को भी मंजूरी दी।
यह संशोधन भारत सरकार के जनविश्वास अधिनियम-2026 के अनुरूप किया गया है। इसका उद्देश्य व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, अनुपालन बोझ कम करना तथा नाप-तौल उपकरणों के सत्यापन शुल्क का पुनरीक्षण करना है।
विकास, रोजगार और जनकल्याण पर सरकार का फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार एक ओर आधुनिक तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों, महिलाओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों के हितों को भी प्राथमिकता दे रही है।
करीब 2,480 करोड़ रुपये की इन स्वीकृतियों से प्रदेश में आधारभूत संरचना का विस्तार होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, डिजिटल शासन को मजबूती मिलेगी, सिंचाई सुविधाओं में विस्तार होगा तथा महिला सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण से जुड़ी योजनाओं को नई गति मिलेगी। इन निर्णयों को मध्यप्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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