अब बिना पंजीयन नहीं मिलेगा विवाह, जन्म-मृत्यु का अधिकार – सरकार ने दिए सख्त निर्देश
महिलाओं के वैधानिक अधिकार, प्रमाण-पत्र और योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब होगा अनिवार्य पंजीयन
Bhopal 23 November 2025 भोपाल :- मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी विकास मिश्रा ने सभी जिला कलेक्टरों एवं जिला विवाह रजिस्ट्रारों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नियम-2008” के तहत राज्य में किसी भी विधि या परंपरा से संपन्न सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से सभी विवाहों का पंजीयन न हो पाने से विशेषकर महिलाओं को पति की मृत्यु अथवा अन्य कानूनी परिस्थितियों में प्रमाण और अधिकार प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसलिए विवाह पंजीयन को सामाजिक सुरक्षा, महिला अधिकार संरक्षण और वैधानिक प्रमाणिकता का आधार माना जाए।
विवाह पंजीयन को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, परिवार को मिलने वाली वैधानिक सुविधाओं की गारंटी तथा शासन की जनहितकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन को देखते हुए राज्य सरकार ने विवाह पंजीयन की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। उन्होंने निर्देश दिए कि सामूहिक विवाह कार्यक्रमों जैसे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में विवाह स्थल पर ही प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विवाह पंजीयन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश
आयुक्त श्री मिश्रा ने सभी नगरीय निकायों, पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विवाह पंजीयन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। शादी हॉल, मैरेज गार्डन एवं समारोह स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने तथा रसीदी पत्रों पर निम्न स्लोगन अंकित करने को कहा गया है—
- “विवाह का आठवां वचन — विवाह का हो पंजीयन”
- “नारी का सम्मान — विवाह का प्रमाण”
जन्म-मृत्यु पंजीयन में सुधार हेतु विशेष निर्देश
प्रदेश में जन्म-मृत्यु पंजीयन की स्थिति में सुधार लाने के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि-
सभी अनाथालयों,
बाल संप्रेषण गृहों एवं
बाल सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र तत्काल जारी किए जाएं।
साथ ही उन्होंने कहा कि-
महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी नियमों का जिले स्तर पर पालन कराने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।
रजिस्ट्रार कार्यालयों में नियमावली प्रदर्शित करना अनिवार्य
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि-
सभी रजिस्ट्रार एवं उप-पंजीयक कार्यालयों के बाहर जन्म-मृत्यु पंजीयन संबंधी नियमावली दीवार पर पेंट करवाकर प्रदर्शित की जाए।
इससे हर नागरिक को जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी और
सुविधाएं पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी।
“इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में विवाह एवं जन्म-मृत्यु पंजीयन की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी,
जिससे नागरिकों को उनके अधिकार समय पर मिलेंगे और सरकारी योजनाएं अधिक प्रभावी रूप से लागू हो सकेंगी।”
https://prsindia.org/billtrack/the-registration-of-births-and-deaths-amendment-bill-2023





