नल-जल योजना और भारी ट्रैफिक से क्षतिग्रस्त हो रहीं ग्रामीण सड़कें, ठेकेदारों ने जताई चिंता
Chhindwara 23 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:- जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत पूर्व में निर्मित कई ग्रामीण सड़कें इन दिनों नल-जल योजना के कार्य और अत्यधिक ट्रैफिक दबाव के चलते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो रही हैं। स्थानीय ठेकेदारों और संविदाकारों ने इस पर गहरी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा है कि बिना अनुमति के सड़कों की खुदाई की जा रही है, जिससे शोल्डर, कैरिजवे और सीसी रोड पूरी तरह टूट चुके हैं।
संविदाकारों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर पीएमजीएसवाई इकाई छिंदवाड़ा के महाप्रबंधक को कई बार लिखित शिकायतें दीं, लेकिन अब तक न तो सड़कों की मरम्मत हुई है और न ही कोई जवाब मिला।
पूर्व दिशा-निर्देशों की अवहेलना
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश शासन के अवर सचिव ने 4 मार्च 2025 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नल-जल योजना के चलते यदि सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं, तो उन्हें तत्काल यथास्थिति में पुनः दुरुस्त किया जाए। परंतु स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है।
15 साल पुराने निर्माण पर 40 टन तक ट्रैफिक का दबाव
संविदाकारों ने जानकारी दी कि जिन सड़कों का निर्माण लगभग 15 वर्ष पूर्व 8 टन भार क्षमता के हिसाब से हुआ था, अब वहाँ से 30-40 टन वजनी ट्रक और मशीनें गुजर रही हैं। क्षेत्र में क्रशर, रेत खदान और वेयरहाउस बनने से भारी वाहनों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि अब कांक्रीट की जगह बिटुमिनस लेयर (बीएम और बीसी) जैसी मजबूत परतें शामिल की जानी चाहिए।
भुगतान में देरी और सड़क रख-रखाव पर असर
संधारण कार्य के भुगतान में 6-8 महीनों की देरी हो रही है। ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान न मिलने के कारण मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आमजन को असुविधा हो रही है।
अतिक्रमण और कचरा प्रबंधन भी बड़ी समस्याएं
बरसात के मौसम में किसान फसल की सुरक्षा हेतु सड़क किनारे अस्थायी बाड़बंदी कर लेते हैं, जिससे अतिक्रमण की स्थिति बनती है। साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क किनारे कचरा फेंका जा रहा है। संविदाकारों का कहना है कि कचरा सफाई उनकी जिम्मेदारी नहीं है, यह कार्य ग्राम पंचायतों का है।
रोड फर्नीचर की चोरी से ग्रेडिंग प्रभावित
स्टील बोर्ड और संकेतक जैसी रोड फर्नीचर वस्तुएं चोरी हो रही हैं। कई संविदाकारों ने थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई हैं, परंतु चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं, जिससे परियोजना ग्रेडिंग में खराब अंक मिल रहे हैं।
संविदाकारों की प्रमुख मांगें:
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नल-जल कार्य हेतु सड़क खुदाई के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य की जाए।
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क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत हो।
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ट्रैफिक के दबाव को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन संशोधित हो।
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संधारण कार्य का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो।
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अतिक्रमण पर निगरानी एवं कार्रवाई की जाए।
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कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी जाए।
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रोड फर्नीचर की सुरक्षा हेतु सख्त प्रावधान हों।
संविदाकारों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि उक्त समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि विकास कार्यों में बाधा न आए और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की गुणवत्ता बनी रहे।



