छिंदवाड़ासिवनी

कोर एरिया में मौत, जिम्मेदार कौन? पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ का हमला, ग्रामीण की जान गई

प्रतिबंधित क्षेत्र में आमजन की आवाजाही पर वन विभाग की निगरानी फेल

Seoni 06 january 2026
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल कोर एरिया में एक और ग्रामीण की मौत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिवनी जिले के ग्राम टिकारी निवासी कमल उइके (43) का शव पेंच नदी के किनारे क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है। प्रथम दृष्टया यह बाघ के हमले का मामला माना जा रहा है।

पेंच टाइगर रिजर्व कोर एरिया में बाघ हमले के बाद घटनास्थल का दृश्य
पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया, जहां प्रतिबंध के बावजूद ग्रामीण की मौत हुई

लापरवाही की श्रृंखला: 4 जनवरी से लापता, 6 को शव बरामद

परिजनों के अनुसार कमल उइके 4 जनवरी की शाम से लापता थे। दिनांक 5 जनवरी 2026 की शाम लगभग 6:30 बजे, परिजनों ने जमतरा पहुंचकर पेंच टाइगर रिजर्व स्टाफ को सूचना दी थी कि वह संभवतः पेंच नदी के किनारे स्थित कोर एरिया की ओर गए होंगे।

इसके बावजूद कोर क्षेत्र में तत्काल सघन सर्च, चेतावनी या निगरानी बढ़ाने के ठोस प्रमाण सामने नहीं आए।
दिनांक 6 जनवरी की सुबह, चांद थाना पुलिस और वन विभाग के संयुक्त सर्च अभियान में मृतक का शव बरामद हुआ।

प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कैसे? जवाबदेही तय होना जरूरी

घटना स्थल गुमतरा कोर वन परिक्षेत्र, बीट छेड़िया, महादेव घाट के पास है, जो क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट घोषित है।
यहां आम नागरिकों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है।
ऐसे में सवाल उठते हैं—
 कोर एरिया में ग्रामीणों की आवाजाही क्यों बनी हुई है?
 क्या वन विभाग द्वारा प्रभावी बैरिकेडिंग, गश्त और चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे?
 क्या मछली पकड़ने जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों को रोकने के लिए स्थायी निगरानी तंत्र मौजूद है?
सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू और अलर्ट मोड क्यों नहीं अपनाया गया?

क्षत-विक्षत शव, बाघ के हमले की आशंका

मौके पर मिले साक्ष्यों से यह संकेत मिले हैं कि शव को किसी वन्य प्राणी—संभवत: बाघ—ने क्षति पहुंचाई। शव के अवयव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में पाए गए।

पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम

दिनांक 6 जनवरी की सुबह लगभग 9:30 बजे, चांद थाना पुलिस की उपस्थिति में प्रतिबंधित कोर एरिया से शव बरामद किया गया। वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर शव को पोस्टमार्टम हेतु सिविल अस्पताल, चौरई भेजा गया

जवाबदेही जरूरी

पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा शासन के नियमानुसार मृतक के परिजनों को सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

लेकिन सवाल यह है कि—

क्या मुआवजा, प्रशासनिक चूक और विभागीय लापरवाही की भरपाई कर सकता है?
अब आवश्यकता है कि
कोर एरिया सुरक्षा व्यवस्था की विभागीय जांच हो
लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए
 ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस व स्थायी रणनीति लागू हो

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