राजस्थान–मध्यप्रदेश की संयुक्त टीम का बड़ा अभियान
पेंच टाइगर रिज़र्व से मादा बाघिन को रामगढ़ विषधारी रिज़र्व स्थानांतरित करने की तैयारी
10–12 टीमें, 4 हाथी दल, कैमरा ट्रैप — फिर भी नहीं मिली बाघिन की लोकेशन, तलाश जारी
Seoni 28 November 2025
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिज़र्व से एक मादा बाघिन को राजस्थान स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, बूंदी में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया आज मध्यप्रदेश और राजस्थान की वन्यजीव विशेषज्ञ टीमों के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई। ऑपरेशन सुबह ठीक 06:00 बजे प्रारंभ हुआ।
🔎 टीमों ने ऐसे की खोज की शुरुआत
सबसे पहले रिज़र्व में लगाए गए सभी कैमरा ट्रैप स्टेशनों की गहन जाँच की गई, लेकिन पिछले 24 घंटों की किसी भी तस्वीर में बाघिन की गतिविधि नहीं दिखी। इसके बाद क्षेत्र को 10–12 टीमों में बाँटकर पगमार्क, क्षेत्रीय संकेतों, मूवमेंट ट्रेल्स (विहार मार्ग) और संभावित जल स्रोतों के आसपास गहन खोज अभियान चलाया गया।
🐘 हाथियों के जरिए घने जंगलों में तलाशी
घने जंगलों—विशेष रूप से कठिन, पथरीले और मानव पहुँच से दूर इलाकों की तलाशी के लिए चार प्रशिक्षित हाथी दलों को तैनात किया गया। उनका उपयोग उन क्षेत्रों में किया गया जहां वाहन या पैदल टीमें आसानी से नहीं पहुँच सकती थीं।
🕵️ पूरे दिन की कोशिश के बावजूद नहीं मिला सुराग
कड़ी मेहनत और विस्तृत जंगल खोज के बावजूद आज बाघिन का लोकेशन चिन्हित नहीं किया जा सका। विशेषज्ञों का मानना है कि वह घने कोर ज़ोन या प्राकृतिक जल स्रोतों के आसपास छुपी हो सकती है।
🔒 सुरक्षा और संरक्षण सर्वोपरि
यह अभियान अत्यंत सावधानी, वैज्ञानिक तरीके और दोनों राज्यों के वन विभागों के कुशल समन्वय के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि बाघिन की सुरक्षा, मूवमेंट और स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
📆 अभियान जारी रहेगा
टीमें आने वाले दिनों में भी कैमरा ट्रैप, ड्रोन स्कैनिंग, ट्रैकिंग टीम और विशेष वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से बाघिन की खोज जारी रखेंगी। उसे सुरक्षित रूप से tranquilize (बेहोश) करके राजस्थान भेजा जाएगा।



