धर्मसिवनी

कैदी भावुक होकर रो पड़े – सिवनी जेल में मुनि श्री भावसागर जी का विशेष प्रवचन

जन्म से कोई अपराधी नहीं होता, परिस्थितियां और संगति उसे अपराध की ओर ले जाती हैं” – मुनि श्री भावसागर जी महाराज

Seoni 15 September 2025
सिवनी यशो :- जिला कारागृह सर्किल जेल सिवनी में रविवार को परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि श्री भावसागर जी महाराज के सान्निध्य में एक विशेष प्रवचन का आयोजन हुआ। इस प्रवचन का मुख्य उद्देश्य कैदियों को नशे से दूर रहने और जीवन सुधार की दिशा में प्रेरित करना रहा।

मुनि श्री ने कहा कि “जन्म से कोई अपराधी नहीं होता,

बल्कि मजबूरियां और गलत संगति व्यक्ति को अपराध की ओर ले जाती हैं।

यदि उसे सत्संग और सही मार्गदर्शन मिले तो वह सुधर सकता है और पुनः समाज में एक श्रेष्ठ मनुष्य बन सकता है।”

 प्रवचन के मुख्य संदेश

  • कैदियों से कहा कि वे अतीत की गलतियों से सबक लेकर नया जीवन शुरू करें।

  • “त्यौहारों पर जब घरवाले पूछे जाते हैं कि बेटा या भाई कहां है, तो परिवार किस दर्द से गुजरता है, इसकी कल्पना करें।”

  • कैदियों को नशे से दूर रहने, ईश्वर भक्ति और अच्छे साहित्य की ओर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह।

  • “पूर्ण स्वतंत्रता केवल मोक्ष में है, जेल के बंधन अस्थायी हैं।”

  • कैदियों ने रोते हुए संकल्प लिया कि वे भविष्य में अपराध से दूर रहेंगे।

 प्रभाव

प्रवचन के दौरान कई कठोर माने जाने वाले कैदी भी भावुक होकर रो पड़े।

मुनि श्री की करुणा और आत्म-सुधार का संदेश सुनकर कैदियों ने जीवन बदलने की दिशा में संकल्प लिए।

जेल अधिकारी और कर्मचारी भी इस प्रवचन से गहराई से प्रभावित हुए

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