विद्याभारती महाकौशल प्रांत की प्रांतीय प्राचार्य/प्रधानाचार्य बैठक सम्पन्न
दो दिवसीय बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पंचपदीय शिक्षण पद्धति पर हुआ मंथन
सिवनी।
सिवनी यशो:- सिवनी नगर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था सरस्वती शिशु/उच्च माध्यमिक विद्यालय, भैरोगंज में विद्याभारती महाकौशल प्रांत की दो दिवसीय प्रांतीय प्राचार्य/प्रधानाचार्य बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में महाकौशल प्रांत के 24 जिलों में संचालित सरस्वती शिशु/उ.मा. विद्यालयों के लगभग 150 प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य शामिल हुए।
बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा पद्धति एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की बारीकियों से अवगत कराना तथा विद्याभारती की योजनाओं के प्रमुख बिंदुओं को प्रभावी रूप से समझाना रहा।

प्रमुख मार्गदर्शकों का सानिध्य
बैठक में विद्याभारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश जी भटनागर का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके साथ महाकौशल प्रांत के संगठन मंत्री श्री अमित दवे, प्रांत सचिव श्री सुधीर अग्रवाल, प्रांत प्रमुख शिवानंद सिन्हा, सह प्रांत प्रमुख हरिराम तिवारी, प्रादेशिक सह सचिव नितिन चौधरी, प्रांत अंकेक्षण प्रमुख रामबहोरी पटेल, क्षेत्रीय खेल प्रमुख भास्कर बडनेरकर, प्रांत संस्कार प्रमुख इंदल पटेल सहित आठों विभागों के विभाग समन्वयकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
पंचपदीय शिक्षण पद्धति पर विशेष सत्र
प्रथम दिवस अवनीश भटनागर ने पंचपदीय शिक्षण पद्धति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यालय संचालन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
पूर्व छात्रों की भूमिका पर जोर
इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्रों की विशेष बैठक भी आयोजित की गई।
श्री भटनागर ने कहा कि पूर्व छात्र शिशु मंदिर परिवार के आत्मीय सदस्य होते हैं और
विद्यालय विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि आज शिशु मंदिर के पूर्व छात्र विश्व के 100 से अधिक देशों में प्रशासन
, उद्योग, व्यापार एवं राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि भारतीय सेना के वर्तमान सेनाध्यक्ष उपेन्द्र द्विवेदी भी सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र हैं, जो अपने संस्कार और अनुशासन के लिए पहचाने जाते हैं।

विद्ववत परिषद बैठक आयोजित
बैठक के द्वितीय दिवस विद्ववत परिषद का आयोजन किया गया।
श्री भटनागर ने बताया कि-
वर्तमान में विद्याभारती द्वारा देशभर में 10,000 से अधिक शिशु मंदिर, 1 लाख से अधिक आचार्य एवं 35 लाख से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने राधाकृष्णन आयोग,
मुदलियर आयोग
और कोठारी आयोग का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला और
समाज परिवर्तन में शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया।
इस अवसर पर पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी दुर्गाशंकर श्रीवास्तव,
साहित्यकार रमेश श्रीवास्तव ‘चातक’,
उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य,
महाविद्यालयीन प्राध्यापक,
शिक्षाविद् एवं नगर के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
समापन समारोह
दो दिवसीय बैठक का समापन विद्यालय सभागार में आयोजित समारोह में हुआ।
समापन अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री अमित दवे,
प्रांतीय सह सचिव नितिन चौधरी,
सह प्रांत प्रमुख हरिराम तिवारी एवं
जिला सचिव विनीत अग्रवाल मंचासीन रहे।
अंत में सभी पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं एवं प्राचार्य/प्रधानाचार्य बंधु-भगिनियों को उपहार स्वरूप भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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