जहाँ भक्ति से जागती है समाज-चेतना, वहीं जन्म लेती है मानव सेवा
सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर सिवनी में 119वां साप्ताहिक सुंदरकांड, मोबाइल संयम और शीतलहर में सेवा का संकल्प
Seoni December 14, 2025
सिवनी यशो :- सिद्धपीठ श्री ज्वाला देवी मंदिर, परतापुर रोड, भैरोगंज सिवनी में शनिवार को आयोजित 119वां साप्ताहिक संगीतमय सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के दिव्य वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। माँ ज्वाला देवी के दरबार में गूंजते भजन, स्वरमयी सुंदरकांड पाठ और भक्तों की जयकारों से संपूर्ण परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
आध्यात्मिक आरंभ, सेवा का संकल्प
इस पावन अवसर पर यजमान (गुप्त नाम) द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माँ ज्वाला देवी एवं श्री हनुमान जी महाराज के चरणों में भोग अर्पित किया गया। भक्ति से ओतप्रोत वातावरण में भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
सिर्फ भक्ति नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी
इस साप्ताहिक आयोजन की विशेषता यह रही कि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा और जन-जागरूकता का प्रभावी मंच भी बना।
इस सप्ताह के विशेष विषय के अंतर्गत मोबाइल के आवश्यक एवं अनावश्यक उपयोग पर चर्चा हुई।
अनावश्यक रील, फूहड़ मनोरंजन और समय की बर्बादी से बचने का संदेश दिया गया।
साथ ही शीतलहर को देखते हुए ठंड से बचाव के उपाय अपनाने तथा
आसपास के साधनविहीन लोगों की मदद करने की अपील की गई।

ठंड में मानव सेवा का संकल्प
तेज सर्दी को ध्यान में रखते हुए उपस्थित भक्तजनों ने संकल्प लिया कि-
गरीब एवं असहाय व्यक्तियों को कंबल, गर्म कपड़े और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर संदेश दिया गया—
“मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का सर्वोच्च स्वरूप है।”
धर्म वही, जो समाजहित का मार्ग दिखाए
मंदिर समिति ने बताया कि यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समाज, संस्कृति और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी विकसित करता है।
महाप्रसाद वितरण व सामूहिक प्रार्थना
कार्यक्रम के समापन पर महाप्रसाद वितरण किया गया तथा
सामूहिक प्रार्थना में माँ ज्वाला देवी एवं
श्री हनुमान जी महाराज से सभी भक्तजनों के जीवन में सुख,
शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की गई।
श्री ज्वाला देवी मंदिर, सिवनी
— भक्ति का केंद्र
— जागरूकता का प्रेरक
— समाजसेवा का सशक्त आधार





