शिव-पार्वती के दिव्य संवाद में गूंजा सांख्य दर्शन, श्रद्धालु हुए भावविभोर
ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज ने प्रकृति और पुरुष के शाश्वत संबंध का किया सरल एवं आध्यात्मिक विवेचन
शिव महापुराण कथा: ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज ने प्रकृति और पुरुष के दिव्य रहस्यों का किया वर्णन
Seoni, 06 August 2026
सिवनी यशो:- स्मृति लॉन में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं ने ज्ञान, भक्ति और अध्यात्म की अनुपम त्रिवेणी का अनुभव किया। कथा व्यास पूज्य ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य दार्शनिक संवाद का भावपूर्ण वर्णन करते हुए सांख्य दर्शन के गूढ़ सिद्धांतों को अत्यंत सरल और सहज भाषा में समझाया। कथा श्रवण कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

महाराज श्री ने कहा कि संपूर्ण सृष्टि का प्रत्येक कार्य प्रकृति के माध्यम से ही संपन्न होता है। मनुष्य का चलना, बोलना, सोचना और सभी क्रियाएं प्रकृति के अधीन हैं, जबकि आत्मा इन सभी क्रियाओं से सर्वथा परे रहती है। यदि कोई स्वयं को ब्रह्म और प्रकृति से परे मानता है तो उस पर प्रकृति का कोई प्रभाव नहीं होना चाहिए। यही गहन आध्यात्मिक संदेश भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य संवाद में निहित है।
शिव बिना शक्ति निर्गुण, शक्ति से ही प्रकट होता है सगुण स्वरूप
कथा के दौरान ब्रह्मचारी श्री निर्विकल्प स्वरूप जी महाराज ने बताया कि माता पार्वती सांख्य दर्शन के सिद्धांतों का प्रतिपादन करते हुए कहती हैं कि उनके बिना सृष्टि का कोई भी कार्य संभव नहीं है। भगवान शिव का सगुण स्वरूप भी शक्ति अर्थात प्रकृति के कारण ही प्रकट होता है। यदि शक्ति न हो तो शिव का स्वरूप निर्गुण ही रहता है। शिव और शक्ति का यह अद्वैत संबंध ही सृष्टि के संचालन का मूल आधार है तथा पुरुष और प्रकृति का यह समन्वय भारतीय दर्शन का शाश्वत सत्य है।
आत्मबोध की ओर ले जाता है यह दिव्य संवाद
महाराज श्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का यह संवाद केवल दार्शनिक चर्चा नहीं, बल्कि मानव जीवन के लिए गहन आध्यात्मिक संदेश है। जब साधक प्रकृति और पुरुष के वास्तविक स्वरूप को समझ लेता है, तभी वह आत्मबोध और परम सत्य की अनुभूति की दिशा में अग्रसर होता है। यही शिव महापुराण का वास्तविक संदेश भी है।
भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी में डूब रहे श्रद्धालु
स्मृति लॉन में प्रतिदिन प्रवाहित हो रही श्री शिव महापुराण कथा श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का प्रकाश फैला रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर शिव महिमा का रसपान कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। आयोजकों ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में उपस्थित होकर इस दिव्य ज्ञानगंगा का लाभ लेने का आग्रह किया है।
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