काव्य की बरसात: महावीर जयंती पर कवि सम्मेलन में गूंजे शेर-ओ-शायरी और ठहाके
हास्य, वीर, श्रृंगार और भक्ति रस से सजी कवि संध्या, बारिश के बावजूद देर रात तक झूमे श्रोता
महावीर जयंती कवि सम्मेलन
Seoni 31 March 2026
सिवनी यशो:-भगवान महावीर जयंती के पावन अवसर पर दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में सिवनी में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। महावीर जयंती कवि सम्मेलन कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ रामकुमार चतुर्वेदी ने की, जबकि संचालन अभय निर्भीक द्वारा किया गया।
महावीर जयंती कवि सम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसके बाद मंच पर देशभर से आए कवियों ने अपनी-अपनी विधाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

सबीना अदीब की शायरी ने जीता दिल
राष्ट्रीय स्तर की शायरा सबीना अदीब ने अपनी ग़ज़लों और शायरी से माहौल को भावुक और ऊर्जावान बना दिया। उन्होंने भगवान महावीर के त्याग और तपस्या का उल्लेख करते हुए कहा—
“दुनिया को सही मार्ग दिखाने की तड़प में, भगवान महावीर ने घर छोड़ दिया था।”
इसके साथ ही उनकी रोमांटिक और भावनात्मक पंक्तियों ने भी खूब तालियां बटोरीं।
गीत और काव्य की विविधता से सजा मंच
बाराबंकी से आए प्रियांशु गजेंद्र ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उनकी पंक्तियां—
“उन्हें क्या कमी रह गई जिंदगी में, जो अपने गुरु की शरण में आ गए हैं।”
को खूब सराहा गया।
वीर रस के कवि अभय निर्भीक ने देशभक्ति और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कीं, वहीं हास्य कवि सौरभ जयसवाल ने अपनी चुटीली रचनाओं से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
हास्य और श्रृंगार ने भी लूटी वाहवाही
नरसिंहपुर से आए बैरागी एवं जबलपुर से आई श्रुति जैन ने हास्य और श्रृंगार रस की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग भर दिए। श्रुति जैन के मुक्तकों को श्रोताओं ने कई बार “वाह-वाह” के साथ सराहा।
बारिश के बीच भी जारी रहा काव्य प्रवाह
रात्रि में अचानक हुई बारिश के कारण कार्यक्रम दूसरे प्रहर तक ही चल सका, लेकिन तब तक श्रोताओं का उत्साह चरम पर रहा।
आयोजन में रहा प्रशासनिक व सामाजिक सहयोग
इस सफल आयोजन में चंदन जैन के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में नितिन गोयल, आलोक जैन, प्रफुल्ल जैन, नितिन जैन सहित अनेक लोगों का योगदान रहा।
कार्यक्रम में शीतला पटले, सुनील मेहता, ज्ञानचंद सनोदिया सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महावीर जयंती कवि सम्मेलन कवि सम्मेलन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि भगवान महावीर के आदर्शों, त्याग और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त मंच भी साबित हुआ।





