सिवनी में 39 लाख की ठगी का सनसनीखेज मामला: “90 दिन में तीन गुना” का लालच, होटल से चलता था पूरा जाल
भोपाल से दो आरोपी गिरफ्तार, लग्जरी लाइफस्टाइल, पासपोर्ट और विदेश भागने की तैयारी का खुलासा

सिवनी यशो:- सिवनी जिले में शेयर ट्रेडिंग, रियल एस्टेट और ग्लोबल मार्केटिंग के नाम पर करोड़ों के लालच का ऐसा जाल बिछाया गया कि दर्जनों लोग इसमें फंसते चले गए। “कम समय में पैसा दोगुना और 90 दिन में तीन गुना” करने के वादों ने लोगों की जमा-पूंजी को ऐसे नेटवर्क में झोंक दिया, जो धीरे-धीरे एक संगठित वित्तीय ठगी का रूप ले चुका था। अब इस मामले में कोतवाली पुलिस ने भोपाल से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे प्रकरण में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।
सपनों का सौदा या सुनियोजित जाल? 90 दिन में तीन गुना रिटर्न का खेल
इस पूरे मामले की शुरुआत बेहद आकर्षक ऑफर से हुई। आरोपियों ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि वे रियल एस्टेट और ग्लोबल मार्केटिंग जैसे बड़े निवेश प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं, जहां निवेश करने पर तय समय में दोगुना से लेकर तीन गुना तक रिटर्न मिलेगा।
धीरे-धीरे यह भरोसा रिश्तों के जरिए फैलाया गया—पहले परिचित, फिर रिश्तेदार और फिर मित्र मंडली तक। लोग यह सोचकर निवेश करते गए कि अवसर वास्तविक है, लेकिन बाद में सामने आया कि यह पूरा ढांचा केवल लालच और भरोसे के सहारे खड़ा किया गया एक वित्तीय जाल था।
होटल बना ‘ऑपरेशन हब’, वहीं से बनती थी रणनीति
जांच और स्थानीय सूत्रों से सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का एक अस्थायी केंद्र सिवनी शहर की एक महंगी होटल थी। यहीं पर निवेशकों की मीटिंगें होती थीं, नए लोगों को जोड़ा जाता था और “फ्यूचर प्रॉफिट स्कीम” समझाई जाती थी।
इस होटल में माहौल भी पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से बनाया जाता था—
महंगी सजावट, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, और लोगों को प्रभावित करने वाली बातचीत।
इसी जगह पर कई लोगों को यह यकीन दिलाया गया कि उनका पैसा सुरक्षित है और कुछ ही महीनों में बड़ा मुनाफा मिलेगा।
🍽️ लग्जरी लाइफस्टाइल से तैयार किया गया भरोसे का भ्रम
आरोपियों ने लोगों का विश्वास जीतने के लिए एक खास तरीका अपनाया। मीटिंग्स के दौरान—
महंगे होटल और बड़े आयोजन
हाई-प्रोफाइल डिनर और मांसाहारी भोजन
महंगी शराब का प्रदर्शन
बच्चों के लिए गिफ्ट और आकर्षक व्यवहार
“जल्दी अमीर बनने” की मानसिकता को बढ़ावा
इन सबका उद्देश्य केवल एक था—लोगों को यह महसूस कराना कि वे किसी बड़े और सफल बिजनेस नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं।
रिश्तों के सहारे फैला धोखे का जाल
इस नेटवर्क की सबसे खतरनाक बात यह रही कि इसमें रिश्तों और विश्वास का इस्तेमाल किया गया। पहले परिवार के लोग जुड़े, फिर उनके दोस्त और परिचित।
सिवनी के कई लोगों ने जब भरोसा किया, तो अलग-अलग चरणों में लाखों रुपये UPI और बैंक ट्रांसफर के जरिए निवेश कर दिए गए। कुल मिलाकर यह रकम लगभग 39 लाख 29 हजार रुपये तक पहुंच गई।
पैसा मांगने पर बदल गया खेल, मोबाइल बंद और फरार
जब निवेशकों ने तय समय पर रिटर्न या मूलधन वापस मांगा, तो स्थिति बदलने लगी। आश्वासन की जगह टालमटोल शुरू हो गई।
कुछ समय बाद मुख्य आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया और संपर्क पूरी तरह टूट गया। जब पीड़ित सीधे भोपाल पहुंचे, तब उन्हें एहसास हुआ कि यह एक सुनियोजित ठगी थी।
भोपाल से गिरफ्तारी, विदेश भागने की तैयारी का खुलासा
कोतवाली पुलिस ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर दो आरोपियों—
नितिन सोनी (मूल निवासी सिवनी, वर्तमान भोपाल)
ललित पुरोहित (भोपाल)
को गिरफ्तार किया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नितिन सोनी के पास पासपोर्ट मिला है और वह देश छोड़कर विदेश भागने की तैयारी में था।
BMW कार, फाइनेंस और ठगी की रकम का इस्तेमाल
पुलिस जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने ठगी की रकम से एक लग्जरी BMW कार फाइनेंस कराई, जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
कार की किस्तें भी संदिग्ध स्रोतों से चुकाई जा रही थीं, जिस पर अब पुलिस गहराई से जांच कर रही है।
सिर्फ 39 लाख नहीं, असली नेटवर्क बड़ा होने की आशंका
पुलिस और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, यह केवल दर्ज रिपोर्ट की रकम है, जबकि असली नेटवर्क इससे कहीं बड़ा हो सकता है।
कई लोग अभी भी सामने नहीं आए हैं, क्योंकि—
बदनामी का डर
पैसे वापस मिलने की उम्मीद
या सामाजिक दबाव
इसके चलते वास्तविक ठगी की राशि और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
पुलिस की जांच का अगला फोकस
अब जांच का दायरा केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस यह भी पता लगा रही है—
पैसा किन-किन खातों में गया
किन संपत्तियों में निवेश हुआ
क्या कोई और साथी शामिल था
और कितने लोग इस नेटवर्क से जुड़े थे
भरोसे के नाम पर बना सबसे बड़ा जाल
सिवनी का यह मामला एक चेतावनी है कि “जल्दी अमीर बनने” का सपना अक्सर सबसे बड़ा धोखा साबित होता है। रिश्तों, विश्वास और आकर्षक रिटर्न के नाम पर रचा गया यह जाल अब पुलिस जांच के दायरे में है, लेकिन इसके पीछे छिपा नेटवर्क अभी पूरी तरह सामने आना बाकी है।
रिपोर्ट
दैनिक यशोन्नति | क्राइम ब्यूरो स्पेशल रिपोर्ट



